पुराने संसद भवन की छत पर अचानक भड़की आग से मची अफरा- तफरी! CISF की फायर टीम ने ऐसे किया रेस्क्यू, जानें पूरा मामला

Old Parliament Building Fire

Old Parliament Building Fire: दिल्ली स्थित पुराने संसद भवन, जिसे अब ‘संविधान सदन’ कहा जाता है, उसकी छत पर अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना शाम करीब 5:40 बजे की बताई जा रही है। उस समय छत पर मरम्मत का काम चल रहा था और वेल्डिंग की जा रही थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी पास मौजूद सामग्री में आग लग गई, जिससे यह हादसा हुआ।

Old Parliament Building Fire: फौरन पाया गया आग पर काबू

घटना के तुरंत बाद सुरक्षा में तैनात CISF की फायर टीम हरकत में आई और तेजी से आग बुझाने का काम शुरू किया। राहत की बात यह रही कि कुछ ही मिनटों में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस घटना में किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया।

संविधान सदन का ऐतिहासिक महत्व

पुराना संसद भवन, जिसे अब संविधान सदन के नाम से जाना जाता है, भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का एक अहम हिस्सा रहा है। लगभग 96 वर्षों तक यह भवन देश की संसद का मुख्य केंद्र रहा। इसी भवन में भारत का संविधान तैयार किया गया और उसे अपनाया भी गया। सितंबर 2023 में इसका नाम आधिकारिक रूप से बदलकर ‘संविधान सदन’ कर दिया गया।

अब किस काम आएगा यह भवन

नए संसद भवन के निर्माण के बाद पुराने भवन का उपयोग अब संसदीय कार्यक्रमों और संग्रहालय (म्यूजियम) के रूप में करने की योजना है। यह भवन आने वाली पीढ़ियों को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डिजाइन और निर्माण की जानकारी

इस ऐतिहासिक इमारत का डिजाइन ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर एडविन लुटियंस और सर हरबर्ट बेकर ने तैयार किया था। इसका निर्माण कार्य 1921 में शुरू हुआ और 1927 में पूरा हुआ। अपनी खास वास्तुकला और गोलाकार संरचना के कारण यह भवन दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव

पुराने और नए दोनों संसद भवनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब CISF के पास है। संसद की सुरक्षा में 2023 में हुई चूक के बाद यह बदलाव किया गया। पहले यह जिम्मेदारी CRPF की विशेष इकाई ‘पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप’ के पास थी, लेकिन मई 2024 से CISF ने पूरी सुरक्षा संभाल ली है।

नए संसद भवन की खासियतें

पुराने संसद भवन के पास ही नया संसद भवन बनाया गया है, जो सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसका उद्घाटन 28 मई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस है और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसकी क्षमता भी बढ़ाई गई है। लोकसभा में 888 और राज्यसभा में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है। इसके अलावा, यह इमारत भूकंपरोधी है और पर्यावरण के लिहाज से ‘प्लेटिनम रेटेड’ ग्रीन बिल्डिंग भी मानी जाती है।

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