3 साल की जेल और 1 करोड़ का जुर्माना! सट्टेबाजी वाले ऑनलाइन गेम्स पर चलेगा सरकार का चाबुक, संसद आज पेश होगा बिल

Summary :

Online Gaming Bill in Parliament: केंद्र सरकार न सट्टेबाजी वाली ऑनलाइन गेमिंग एप्स पर चाबुक चलाने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक नए विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें इस तरह की गेमिंग सेवाओं और उनके प्रचार-प्रसार पर पूरी तरह से बैन लगाया जाएगा। इतना ही नहीं इस एप्स का प्रचार करने वालो के खिलाफ कड़ी सजा का भी प्रावधान है। यह बिल बुधवार को संसद में पेश किया जाएगा है। सरकार ने देश में धन आधारित ऑनलाइन गेमिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। चलिए जानते हैं कि इस विधेयक…

Online Gaming Bill in Parliament: केंद्र सरकार न सट्टेबाजी वाली ऑनलाइन गेमिंग एप्स पर चाबुक चलाने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक नए विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें इस तरह की गेमिंग सेवाओं और उनके प्रचार-प्रसार पर पूरी तरह से बैन लगाया जाएगा। इतना ही नहीं इस एप्स का प्रचार करने वालो के खिलाफ कड़ी सजा का भी प्रावधान है। यह बिल बुधवार को संसद में पेश किया जाएगा है। सरकार ने देश में धन आधारित ऑनलाइन गेमिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। चलिए जानते हैं कि इस विधेयक के बारे में (What is Online Gaming Bill)?

Online Gaming Bill in Parliament
Online Gaming Bill in Parliament

लग सकता है 1 करोड़ का जुर्माना

विधेयक में पैसे से जुड़े ऑनलाइन गेम्स और उनके विज्ञापनों पर पूरी तरह से रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है।

  • सेवा देने पर : 3 साल तक की जेल या 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना, या दोनों।
  • विज्ञापन करने पर:  2 साल तक की जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों।
  • लेन-देन में शामिल होने पर: 3 साल तक की जेल या 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना, या दोनों।
  • नियमों का बार-बार उल्लंघन पर: 3-5 साल तक की सजा और भारी जुर्माना।
Online Gaming Bill in Parliament
Online Gaming Bill in Parliament

गेम खेलन वालो के लिया क्या है प्रावधान

सरकार का मानना है कि जो लोग ये गेम खेलते हैं, वे अपराधी नहीं बल्कि पीड़ित हैं। इसलिए, खिलाड़ियों को सजा से बाहर रखा गया है। इस बिल मुख्य फोकस उन पर है जो ऐसी सेवाएं प्रदान करते हैं या बढ़ावा देते हैं। इस बिल के अंदर Dream11, My 11 Circle और 1xbet जैसे गेमिंग एप्स शामिल हैं।

विधेयक में यह स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध केवल मनी गेमिंग पर है। ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स (जैसे कैंडी क्रश) को इससे अलग रखा गया है। सरकार इन दोनों क्षेत्रों को प्रोत्साहित और विनियमित करना चाहती है।

क्यों जरूरी है यह विधेयक?

इस बिल को पेश करने का मुख्य उद्देश्य गेमिंग एप्स के जरिए होने पैसों की धोखाधड़ी को रोकना है, जिससे युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। इस सट्टेबाजी वाले गेम्स से मनी गेमिंग की लत से मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या जैसे मामले सामने आए हैं। कई लोग इन गेम्स में अपना पैसा गंवा चुके हैं। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गैरकानूनी कार्यों में इनका उपयोग हो रहा है। इन सभी को रोकने के लिए केंद्र सरकार यह बिल लाने वाली है।

ये भी पढ़ें- अमेरिका से टेंशन के बीच PM मोदी से मिले चीन के विदेश मंत्री, कहा- शी जिनपिंग से मुलाकात का इंतजार

Neha Singh