रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में रमन सरकार को फिर अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ सकता है। विपक्ष ने फिर से अविश्वास जताने की पूरी तैयारी कर ली है। हालांकि इस पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में ही अंतिम निर्णय होगा। बीते छह माह में यह दूसरा मौका होगा जब विपक्ष सदन में रमन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रहा है।
हालांकि विधायक दल में रायशुमारी के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय होगा। इस मामले में अभी शुरूआती चर्चा है। विपक्ष के वरिष्ठ विधायकों के मुताबिक प्रदेश की स्थिति बदतर हो चुकी है। ऐसे में इस सरकार के खिलाफ हर बार अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए तो कम होगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस मामले में नए सिरे से विचार के बाद ही निर्णय करेंगे।
इधर विपक्ष के प्रस्ताव की सुगबुगाहट के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि विपक्ष के पास पुरान मुद्दे हैं। इसके बावजूद मंत्रियों को जवाब देने तैयार रहने कह दिया है। हालांकि अविश्वास प्रस्ताव का हश्र किसी से छिपा नहीं है। बहुमत सत्ताधारी दल के पास होने की वजह से विपक्ष द्वारा लाया गया प्रस्ताव गिरता रहा है।
राजनीतिक प्रेक्षकों के मुताबिक विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव गिरना तय है इसके बावजूद नए सिरे से कवायदें हो सकती है। वहीं चुनावी वर्ष में चुनाव मैदान में जो से कुछ माह पहले ही विपक्ष एक तरह से मुद्दे उछालकर सूबे में संदेश देने की कोशिशें करेगी। सदन में सरकार की नाकामियों और भ्रष्टाचार के साथ कमीशनखोरी के मुद्दे उछालकर चुनावी मैदान में भुनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोडऩे के मूड में है।
माना जा रहा है कि विपक्ष ने प्रदेश प्रभारी के साथ हुई बैठक में ही इसे तय कर लिया है। वहीं नए सिरे से प्रस्ताव लाकर तैयारी हो सकती है। इस मामले में सदन में चौतरफा प्रहार करने की भी तैयारी हो रही है। सत्र के ठीक एक दिन पहले होने वाली बैठक में प्रस्ताव लाया जा सकता है।
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