पश्चिम बंगाल में जनता टीएमसी से परेशान, बनेगी भाजपा की सरकार : प्रतुल शाहदेव

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रांची, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार बनने का भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने दावा किया है। उन्होंने कहा कि जनता टीएमसी से परेशान हो गई है, इसलिए इस बार भाजपा को ला रही है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में पहले कम्युनिस्टों का शासन रहा, जो भगवान के अस्तित्व को नहीं मानते थे, और उसके बाद कांग्रेस के शासन में तुष्टीकरण की राजनीति चरम पर थी। उनके अनुसार, वर्तमान में ममता बनर्जी की सरकार…

रांची, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार बनने का भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने दावा किया है। उन्होंने कहा कि जनता टीएमसी से परेशान हो गई है, इसलिए इस बार भाजपा को ला रही है।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में पहले कम्युनिस्टों का शासन रहा, जो भगवान के अस्तित्व को नहीं मानते थे, और उसके बाद कांग्रेस के शासन में तुष्टीकरण की राजनीति चरम पर थी। उनके अनुसार, वर्तमान में ममता बनर्जी की सरकार ने इस प्रवृत्ति को और आगे बढ़ा दिया है।

प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तुष्टीकरण की राजनीति इस हद तक पहुंच गई है कि ऐसी स्थिति शायद पाकिस्तान जैसे देशों में भी देखने को नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि किसी विशेष समुदाय को खुश करने के लिए जिस प्रकार की नीतियां अपनाई जा रही हैं, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

तमिलनाडु की राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने डीएमके और अभिनेता विजय की पार्टी के बीच चल रहे विवाद को उनका आपसी मामला बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर भाजपा कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी मजबूती से चुनाव लड़ रही है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार राज्य में एनडीए की सरकार बनने की संभावना है, जिसमें भाजपा एक अहम साझेदार होगी।

इसके अलावा, लेंसकार्ड की ‘स्टाफ यूनिफॉर्म और ग्रूमिंग गाइड’ को लेकर हुए विवाद पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। प्रतुल शाह देव ने कहा कि किसी भी कंपनी को यह समझना चाहिए कि व्यापार या मार्केटिंग के नाम पर किसी भी धर्म की भावनाओं को आहत करना स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी विशेष धर्म या परंपरा को निशाना बनाया जाए।

उन्होंने तिलक जैसी धार्मिक परंपराओं पर रोक लगाने की बात का विरोध करते हुए कहा कि यह देश सनातन परंपराओं का सम्मान करता है और ऐसी किसी भी नीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा जो धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाए।

–आईएएनएस

एसएके/पीएम

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