नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती किए जाने के फैसले का कई राज्यों के नेताओं ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे आम जनता को राहत देने वाला और वैश्विक तेल संकट के बीच एक अहम कदम बताया है।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दी है जबकि डीजल पर 10 रुपए की ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दी। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए कहा कि यह फैसला साफ तौर पर दिखाता है कि सरकार आम लोगों को बढ़ती वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के असर से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस फैसले से इससे ईंधन की कीमतों में स्थिरता आएगी, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को समर्थन मिलेगा और देश की जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी इस कदम के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा कि बदलते वैश्विक हालात के बीच भारत प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में समझदारी व तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है। सीएम माझी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती से आम लोगों को तुरंत राहत मिलेगी और उन्हें वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि ईंधन और जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम सरकार की स्थिरता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे शांत रहें, अफवाहों से बचें और स्थिति को सामान्य बनाए रखने में सहयोग करें। हम सब मिलकर भरोसे और जिम्मेदारी के साथ इस चुनौती का सामना करेंगे।
वहीं, पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारत ने आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला। उन्होंने ‘एक्स’ अपने पोस्ट में लिखा कि पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इस दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया में ईंधन की कीमतें 30-50 प्रतिशत, उत्तर अमेरिका में लगभग 30 प्रतिशत, यूरोप में करीब 20 प्रतिशत और अफ्रीका में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं जबकि भारत इस मामले में एक अपवाद के रूप में सामने आया है। जाखड़ ने कहा कि यह कदम न केवल तेल कंपनियों पर दबाव कम करेगा बल्कि आम लोगों को भी राहत देगा।
–आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



