नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारत और मंगोलिया की सेनाएं संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रही हैं। अभ्यास के दौरान युद्ध कौशल और ऑपरेशनल तालमेल पर काम किया जा रहा है। भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलीफेंट 2026’ का 18वां संस्करण पिथौरागढ़ स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में चल रहा है।
इस अभ्यास में भारतीय सेना और मंगोलियाई सेना के जवान साथ मिलकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। दोनों सेनाओं का मुख्य ध्यान अर्ध-शहरी और पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद रोधी अभियानों पर है। ऐसे इलाकों में अभियान चलाते समय सैनिकों को अलग-अलग परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेने और एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने की जरूरत होती है। अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक विभिन्न सामरिक अभ्यास कर रहे हैं। इसके साथ ही संयुक्त अभियान की योजना बनाने और उसे प्रभावी तरीके से लागू करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
दोनों सेनाएं अपने अनुभव और बेहतर कार्यप्रणालियां एक-दूसरे के साथ साझा कर रही हैं। ‘नोमैडिक एलीफेंट’ का यह संस्करण केवल सैन्य अभ्यास तक सीमित नहीं है। इसके जरिए दोनों सेनाओं के जवान एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को करीब से समझ रहे हैं। साथ मिलकर प्रशिक्षण लेने से आपसी विश्वास और पेशेवर संबंधों को भी मजबूती मिल रही है। अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच साथ मिलकर अभियान चलाने की क्षमता, परिचालन तालमेल और आपसी समझ को बढ़ाना है। पहाड़ी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद रोधी अभियानों पर संयुक्त प्रशिक्षण दोनों सेनाओं को वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर समन्वय के लिए तैयार करने में मदद करता है।
भारत और मंगोलिया के बीच यह सैन्य अभ्यास दोनों देशों के मजबूत रक्षा संबंधों का भी प्रतीक है। नोमैडिक एलीफेंट 2026 के जरिए दोनों सेनाएं अपने अनुभव साझा करने के साथ-साथ भविष्य में संयुक्त अभियानों के लिए बेहतर तालमेल विकसित कर रही हैं। भारत और मंगोलिया की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलीफेंट-2026’ में प्रशिक्षण गतिविधियां तेज हो गई हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में चल रहे इस 18वें संस्करण में दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे के अनुभव और युद्धक तरीकों को साझा कर रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान मंगोलियाई सैनिकों ने छोटे हथियारों के संचालन और फायरिंग का अभ्यास किया। इसमें हथियारों की जानकारी, सुरक्षा अभ्यास, लोडिंग-अनलोडिंग, निशाना लगाने और फायरिंग की तकनीक शामिल रही। भारतीय सैनिकों ने आतंकी ठिकानों में प्रवेश और तलाशी की कार्रवाई का अभ्यास भी किया। इसमें टीम के साथ आगे बढ़ना, आपसी संवाद, गोली चलाने में सावधानी और घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने जैसी तकनीकों का अभ्यास कराया गया।
वहीं, मंगोलियाई सैनिकों ने पारंपरिक मंगोलियाई कुश्ती ‘बोख’ और निहत्थे युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। इससे दोनों सेनाओं के बीच सैन्य प्रशिक्षण के साथ आपसी मेलजोल और दोस्ती भी मजबूत हुई। यह अभ्यास 3 अक्टूबर तक चल रहा है। इसमें दोनों देशों के 45-45 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के तहत अर्ध-शहरी और पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त क्षमता और तालमेल को मजबूत करना है।
–आईएएनएस
जीसीबी/डीकेपी
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