PM Modi China Visit: पीएम मोदी की 2018 के बाद पहली चीन यात्रा- क्या बदलेगा एशिया का समीकरण?

Summary :

PM Modi China Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तियानजिन पहुंचे, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। यह उनकी 2018 के बाद पहली चीन यात्रा है। 30 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाली यह यात्रा भारत-चीन संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश मानी जा रही है। पीएम मोदी का भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से किया स्वागत मोदी का स्वागत भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से किया। रविवार को सम्मेलन के दौरान उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी, जिसे काफी अहम माना जा रहा है।   China’s Indian community…

PM Modi China Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तियानजिन पहुंचे, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। यह उनकी 2018 के बाद पहली चीन यात्रा है। 30 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाली यह यात्रा भारत-चीन संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश मानी जा रही है।

पीएम मोदी का भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से किया स्वागत

मोदी का स्वागत भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से किया। रविवार को सम्मेलन के दौरान उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी, जिसे काफी अहम माना जा रहा है।

 

भारत और चीन के बीच 1 अप्रैल 1950 को कूटनीतिक रिश्ते हुए थे शुरू

भारत और चीन के बीच 1 अप्रैल 1950 को कूटनीतिक रिश्ते शुरू हुए थे। भारत पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को मान्यता देने वाला पहला गैर-साम्यवादी देश बना। हालांकि, 1962 के युद्ध ने इन रिश्तों पर गहरी चोट पहुंचाई। इसके बाद 1988 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी की चीन यात्रा से संबंधों में सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई।

कुछ अहम पड़ाव इस प्रकार रहे : –

2003: अटल बिहारी वाजपेयी की यात्रा और सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि तंत्र की स्थापना

2005: चीनी प्रधानमंत्री वेन जीआबाओ की भारत यात्रा, जिसमें सामरिक और सहयोगात्मक साझेदारी की शुरुआत हुई

2014: राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा

2015: पीएम मोदी की चीन यात्रा

2018 (वुहान) और 2019 (चेन्नई): अनौपचारिक शिखर सम्मेलन

2020 में पूर्वी लद्दाख में सीमा तनाव ने रिश्तों को फिर से पीछे धकेल दिया। लेकिन हाल में, खासकर 2024 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मोदी-शी मुलाकात ने सकारात्मक माहौल बनाया।

बीते वर्षों में दोनों देशों के नेताओं ने कई बहुपक्षीय मंचों पर संवाद जारी रखा है—जैसे जी20 हैंगझोउ (2016), ब्रिक्स गोवा (2016), एससीओ अस्ताना (2017) और जी20 बाली (2022)।

जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने की कई मुलाकातें

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी कई मुलाकातें की हैं। 2025 में एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक और उसके बाद वांग यी की भारत यात्रा में सीमा वार्ता हुई।

इन प्रयासों ने दिखाया है कि दोनों देश संवाद और विश्वास निर्माण पर जोर दे रहे हैं। खासकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव को बढ़ने से रोकने और पारदर्शिता कायम रखने के लिए यह पहल अहम है।

पीएम मोदी की यह यात्रा भारत-चीन रिश्तों के लिए एक और अवसर

PM Modi China Visit: पीएम मोदी की यह यात्रा भारत-चीन रिश्तों के लिए एक और अवसर है। अगर वार्ताओं में सकारात्मक नतीजे निकले तो न केवल सीमा पर स्थिरता आएगी, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के नए रास्ते भी खुल सकते हैं।

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Shera Rajput