प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की आज बुधवार को बैठक बुलाई है। संसद के लायब्रेरी भवन में बुलाई गई यह बैठक अपराह्न तीन बजे से होगी जिसमें संसद के दोनों सदनों के विभिन्न दलों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में अन्य मुद्दों के साथ देश में एक साथ चुनाव कराने तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के समापन समारोह के बारे में विचार किए जाने की उम्मीद है।
बैठक में हिस्सा नहीं लेंगी ममता बनर्जी

इस बीच तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक में हिस्सा नहीं लेने की बात कही है। ममता ने संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर कहा है कि वह इस बैठक में भाग नहीं ले पाएंगी क्योंकि ‘एक देश एक चुनाव’ का मुद्दा बहुत गंभीर और संवेदनशील है तथा इतने कम समय में सभी दलों की बैठक बुलाकर इस मसले के साथ न्याय नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने पत्र में यह भी लिखा है कि इस मसले पर संवैधानिक तथा चुनाव विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार विमर्श पहले करने की जरुरत है। उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहेंगी कि इस बैठक के लिए पहले एक श्वेत पत्र जारी किया जायेगा। जिसमें सभी राजनीतिक दलों के विचार उसमें शामिल हो और इसके लिए उन्हें पर्याप्त समय दिया जाये। अगर आप ऐसा करेंगे तो हम इस मुद्दे पर ठोस सुझाव आपको देंगे।
बीजद ने मोदी के एक साथ चुनाव का किया समर्थन

इसके अलावा मोदी के एकसाथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने के विचार का ओडिशा के सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने जोरदार समर्थन किया है, जबकि कुछ विपक्षी पार्टियों ने इस सलाह को ‘अव्यवहारिक’ बताया है।
बता दें कि सरकार की ओर से संसद का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री ने की थी। मोदी ने सोमवार को संसद सत्र शुरू होने से पूर्व मीडिया के समक्ष अपने वक्तव्य में कहा था कि लोकतंत्र में सक्रिय विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है और विपक्षी दलों को सदन में अपनी सदस्य संख्या की चिंता नहीं करनी चाहिए। सरकार विपक्ष की बातों और उसकी भावना का सम्मान करती है।


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