कांग्रेस ने किसान संगठनों के साथ केंद्र की सरकार की प्रस्तावित बातचीत से पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह आज ही कृषि से संबंधित तीनों ‘काले कानूनों’ को निलंबित करने तथा प्रदर्शनकारी किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने की घोषणा करें।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि सरकार को सभी किसान संगठनों के साथ मन खोलकर बातचीत करना चाहिए तथा बिना किसी दिखावे और पूर्वाग्रह के मामले का समाधान निकालना चाहिए। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार मंगलवार दोपहर बाद किसान संगठनों से बातचीत करने वाली है। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में बड़ी संख्या में किसान एक सप्ताह से दिल्ली के निकट प्रदर्शन कर रहे हैं।
सुरजेवाला ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘‘देर आए, दुरुस्त आए। पिछले एक हफ्ते से लाखों किसान सड़कों पर हैं, लेकिन अहंकारी मोदी सरकार उनसे बातचीत को तैयार नहीं थी। लेकिन अब कम से बातचीत का न्यौता दिया है। हमारा यह कहना है कि अगर सरकार ने बातचीत के लिए दरवाजे खोलें हैं तो अपना मन भी खोले और पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर वार्तालाप नहीं करे।’’
किसान इस देश का अन्नदाता है, किसान इस देश का पेट पालता है। किसान हमारे देश की सीमाओं की रक्षा के लिये नौजवान देता है। किसान पिछले एक हफ्ते से सड़कों पर पड़ा है, कराह रहा है। लेकिन मोदी सरकार बात करने को भी तैयार नहीं।
श्री @rssurjewala का वक्तव्य। pic.twitter.com/4r1ch9n9mB
— Congress (@INCIndia) December 1, 2020
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मांग है कि सभी किसान संगठनों को वार्ता के लिए बुलाया जाए ताकि किसानों की सारी समस्याएं सरकार के सामने रखकर उनका निदान हो सके।’’ सुरजेवाला ने आग्रह किया, ‘‘ तीनों काले कानूनों को निलंबित करने का निर्णय प्रधानमंत्री आज ही करें और इसकी घोषणा करें। हजारों किसानों पर दर्ज मुकदमें बिना शर्त वापस लेने की घोषणा करें। पराली जलाने के आरोप में जो मुकदमें दर्ज किए हैं, उनको भी वापस लिया जाए और पराली पर जुर्माना लगाने का अध्यादेश भी वापस लिया जाए।’’


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