कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार की विदेश तथा आर्थिक नीतियों को बेहद कमजोर बताया है और कहा है कि इस सरकार के प्रति जनता का विश्वास डगमगाया है जिसे देखते हुए चीन को लगा कि यही अनुकूल समय है और इसका फायदा उठाकर उसने देश की सीमाओं में घुसपैठ करने का दुस्साहस किया है।
Since 2014, the PM’s constant blunders and indiscretions have fundamentally weakened India and left us vulnerable.
Empty words don’t suffice in the world of geopolitics. pic.twitter.com/XM6PXcRuFh
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 17, 2020
राहुल ने शुक्रवार को यहां जारी एक वीडियो में कहा कि किसी भी देश की रक्षा किसी एक बिंदु पर नहीं टिकी होती है बल्कि यह कार्य कई शक्तियों का संगम होता है जिसमें विदेश तथा आर्थिक नीति और जनता का सरकार के प्रति विश्वास जैसे तत्व शामिल हैं लेकिन पिछले छह साल के दौरान भारत इन सब बिंदुओं पर परेशान और अस्तव्यस्त रहा है। दुनिया के कई देशों के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छे थे।
उन्होंने कहा, “अमेरिका के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी थी। रूस हमारा परंपरागत मित्र रहा है और दुनिया के साथ इन देशों ने भारत के सम्बन्ध बेहतर बनाने में मदद की लेकिन आज हमारे पास एक ऐसा भारत है जो आर्थिक रूप से बहुत मुश्किल में है। जहां तक उसकी विदेश नीति का सवाल है तो आज अपने पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध बहुत ठीक नहीं है। इससे पहले नेपाल, भूटान, श्रीलंका हमारे मित्र राष्ट्र थे। पाकिस्तान के अलावा सारे पड़ोसी भारत के साथ काम कर रहे थे और उन्होंने खुद को भारत के साथ भागीदार के रूप में देखा।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि आज स्थिति इसके एकदम उलट है। हमारे संबंध पड़ोसियों के साथ खराब हुए हैं इसीलिए श्रीलंका ने चीनियों को एक बंदरगाह दे दिया है। मालदीव परेशान है, भूटान परेशान है। भारत ने अपने विदेशी सहयोगियों और अपने पड़ोस से रिश्ते खराब कर लिए हैं और इसी स्थिति को देखते हुए चीन ने फैसला किया कि संभवतः यह सबसे अच्छा समय है और इसलिए उसने हमारे साथ सीमा पर ऐसी हरकत की ।


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