प्रवासी मजदूरों को अगले 3-4 दिनों में ही घर पहुंचाना चाहती है रेलवे, रेल मंत्री ने राज्यों से की यह अपील

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रेल मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर रेलवे बीते छह दिनों से रोजाना 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रही है। मैं सभी राज्यों से श्रमिकों को वहां से निकालने और घर वापस लाने की अनुमति देने की अपील करता हूं ।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) का कहर भारत में तेजी से फैल रहा है। वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए केंद्र सरकार के तरफ 24 मार्च से तीन चरणों में 17 मई तक देशव्यापी लॉकडाउन लागू है। लॉकडाउन की वजह से प्रवासी मजदूर लंबे समय से फंसे हुए थे। प्रवासी मजदूरों को घर वापस भेजने के लिए बीते कुछ दिनों से श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाए जा रहे हैं। इस मामले में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर रेलवे बीते छह दिनों से रोजाना 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रही है।

रेल मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि  “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर रेलवे बीते छह दिनों से रोजाना 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रही है। मैं सभी राज्यों से श्रमिकों को वहां से निकालने और घर वापस लाने की अनुमति देने की अपील करता हूं । जिससे कि रेलवे अगले तीन से चार दिनों में सभी को वापस उनके घर पहुंचा सके।”

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बता दें कि इन सेवाओं में होने वाले खर्च की जानकारी रेलवे की ओर से नहीं दी जा रही है, अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि प्रति सेवा रेलवे को 80 लाख रुपये का खर्च वहन करना पड़ा है। सरकार की ओर से कहा गया था कि राज्यों के साथ 85:15 के अनुपात में खर्च वहन किया गया है। सेवा की शुरुआत से ही मुख्य रूप से गुजरात और केरल से श्रमिकों को बिहार और उत्तर प्रदेश पहुंचाया गया।

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