रामलला के स्थान पर चोरी करने वालों को दी जाए फांसी : महंत दिनेन्द्र दास

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अयोध्या, 5 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी प्रकार के दान की हेराफेरी करने वालों के लिए कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को सजा मिलना आवश्यक है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों। महंत दिनेन्द्र दास ने रविवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जो भी फ़ैसला लेगा, उसका पालन किया जाएगा। यह अच्छी बात है कि…

अयोध्या, 5 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी प्रकार के दान की हेराफेरी करने वालों के लिए कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को सजा मिलना आवश्यक है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों।

महंत दिनेन्द्र दास ने रविवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जो भी फ़ैसला लेगा, उसका पालन किया जाएगा। यह अच्छी बात है कि आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। यह जरूरी है कि राम लला के यहां पर चोरी करने वाले व्यक्ति को फांसी की सजा दी जाए। बाकी ट्रस्ट जो भी फैसला करेगा, हम उसे स्वीकार करेंगे।”

वहीं, दूसरी ओर दिल्ली में विश्व हिंदू महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और सच्चाई सामने नहीं आ जाती, तब तक इस विषय पर किसी भी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट ने स्वयं इस मामले में संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एसआईटी का गठन किया है। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और निष्कर्ष सामने आने का इंतजार किया जाना चाहिए।

महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत ने यह भी कहा, “जो लोग कभी भगवान राम को काल्पनिक बताते थे और उनके अस्तित्व को ही नकारते थे, वे अब राम मंदिर को लेकर राजनीति कर रहे हैं। निमंत्रण मिलने के बावजूद, कांग्रेस का कोई भी राष्ट्रीय नेता दर्शन के लिए राम मंदिर नहीं गया। अब जब यह मुद्दा सामने आया है, तो हर कोई अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए तरह-तरह के बयान दे रहा है।”

–आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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