आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मास्टरमाइंड विकास दुबे शुक्रवार तड़के एनकाउंटर में मारा गया है। इस एनकाउंटर में चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस ने सवाल किया कि इस अपराधी के पास ऐसे क्या राज थे जो शासन से गठजोड़ को उजागर करते।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह दावा भी किया कि कई लोगों ने ऐसी आशंका जताई थी कि दुबे मुठभेड़ में मारा जाएगा। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘विकास दुबे मुठभेड़ में मारा गया। कई लोगों ने पहले ही ये आशंका जताई थी। लेकिन अनेकों सवाल छूट गए।’’
#VikasDubey एंकाउंटर में मारा गया।
कई लोगों ने पहले ही ये आशंका जताई थी।
पर अनेकों सवाल छूट गए-
1. अगर उसे भागना ही था, तो उज्जैन में सरेंडर ही क्यों किया?
2. उस अपराधी के पास क्या राज थे जो सत्ता-शासन से गठजोड़ को उजागर करते?
3. पिछले 10 दिनों की कॉल डिटेल्ज़ जारी क्यों नहीं? pic.twitter.com/B87UqYiqPf— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) July 10, 2020
सुरजेवाला ने सवाल किया, ‘‘अगर उसे भागना ही था, तो उसने उज्जैन में आत्मसमर्पण ही क्यों किया? उस अपराधी के पास क्या राज थे जो सत्ता-शासन से गठजोड़ को उजागर करते? पिछले 10 दिनों की कॉल डिटेल जारी क्यों नहीं की जाए?’’
इससे पहले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सवाल खड़े करते हुए पूछा था कि विकास दुबे का किन-किन राजनीतिक लोगों से, पुलिस व अन्य शासकीय अधिकारियों से संपर्क था, अब उजागर नहीं हो पाएगा। पिछले तीन-चार दिनों में विकास दुबे के दो अन्य साथियों का भी एनकाउंटर हुआ है लेकिन तीनों एनकाउंटर का पैटर्न एक समान क्यों है?
गौरतलब है कि कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले का मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी विकादुबे शुक्रवार सुबह कानपुर के भौती इलाके में कथित पुलिस मुठभेड़ मे मारा गया। दुबे को गुरुवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया गया था।


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