नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सदातुल्लाह हुसैनी ने मीडिया को जारी बयान में ईद-उल-अजहा के मुबारक मौके पर सहृदय शुभकामनाएं और मुबारकबाद पेश करते हुए कहा, “अल्लाह इस बकरीद को सुख और चैन का माध्यम बनाए, शांति और सुरक्षा का अग्रदूत बनाए, और एक ऐसे नए दौर की शुरुआत बनाए, जो न्याय, विनम्रता और कल्याण के प्रकाश से अलंकृत हो।“
उन्होंने ईद-उल-अजहा का अर्थ बताते हुए कहा कि यह तौहीद का त्योहार है—एक ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का, केवल उसी के समक्ष पूर्ण रूप से स्वयं को सौंप देने का, और बहुदेववाद तथा हर प्रकार के मिथ्या मोह से मुक्ति का उत्सव। यह वफादारी का त्योहार है: अल्लाह के साथ किए गए वादे के प्रति वफादारी; कठिन परीक्षाओं के समय भी सत्य के प्रति अटल वफादारी; और ऐसी वफादारी, जो बिना किसी संकोच के बलिदान की मांग करती है।
यह दृढ़ता का त्योहार है। ईद-उल-अजहा हमारी आंखों के सामने सय्यदना इब्राहीम (उन पर शांति हो) के उस तेजस्वी उदाहरण को फिर से जीवंत कर देती है, जो सबसे कठिन परीक्षाओं के बीच भी सत्य और दृढ़ विश्वास के साथ पर्वत की तरह अटल रहे। उन्होंने कुरआन-ए-पाक की एक आयत का हवाला देते हुए कहा कि कुरआन इस उदाहरण को ऐसे शब्दों में अमर कर देता है, जो हर युग में मानवता का मार्गदर्शन करते रहते हैं।‘
जमात के अध्यक्ष ने आगे बताया, “यह ईद धैर्य और मजबूती की, पक्के इरादे और एकाग्रता की ईद है। यह ईद कुर्बानी का जश्न है। यह स्वयं को, अपने सारे वजूद को, अपने पूरे जीवन और पूरे परिवार को सच्चाई के लिए कुर्बान करने और अल्लाह की मर्जी के आगे झुकने की सच्ची भावना का जश्न है, वह मिसाल जो खलीलुल्लाह (अल्लाह के दोस्त) ने पूरी इंसानियत के लिए छोड़ी है।“
सैयद सदातुल्लाह हुसैनी ने कहा, “वर्तमान हालात में इब्राहीम (अस) के आदर्श में मुस्लिम समुदाय के लिए एक बड़ी सीख, कामयाबी और सरबुलंदी का एक बड़ा राज निहित है। निस्संदेह, मुस्लिम समुदाय दुनिया भर में और हमारे देश में भी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। सय्यदना इब्राहीम (उन पर शांति हो) का आदर्श प्रदर्शित करता है कि ऐसी चुनौतियां ईमान वालों का इम्तिहान लेती हैं, और यह अल्लाह की सुन्नत है कि उन्होंने बड़ी कामयाबियों को पक्के संकल्प और दृढ़ता जैसे गुणों से जोड़ा है।“
“ईद-उल-अजहा केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि मुस्लिम समुदाय में इब्राहीम (अस) जैसे चारित्रिक विकास के लिए एक ईश्वरीय नुस्खा है। इस बात की जरूरत है कि इस ईद की सभी रस्में इसके मूल उद्देश्य को समझते हुए निभाई जाएं। आइए! हम सब इस ईद को ईमान और दृढ़ता के गुणों को बढ़ाने का एक माध्यम बनाएं। अगर ये गुण हमारे अंदर पैदा हो गए तो अल्लाह की मर्ज़ी से हमारे रास्ते रोशन होंगे और हमारा भविष्य भी उज्ज्वल होगा।“
जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सदातुल्लाह हुसैनी ने अल्लाह से दुआ की कि वह हम सबको इब्राहीम जैसा ईमान, इब्राहीम जैसी दृढ़ता और इब्राहीम जैसा समर्पण दे और मौजूदा हालात में हम पर जो जिम्मेदारियां हैं, उन्हें एकाग्रता के साथ पूरा करने का सौभाग्य और क्षमता दे।
–आईएएनएस
डीकेडीकेपी/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



