सपा खुद को रामभक्त कहने लायक नहीं, योगी सरकार अपराधियों पर सख्त: मुकेश राजपूत

Summary :

नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर विपक्ष पर जुबानी हमला किया। उन्होंने एफसीआरए बिल को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजे जाने को लेकर सरकार का पक्ष रखा और कहा कि सरकार चाहती थी कि विधेयक पर सदन में विस्तृत चर्चा हो, लेकिन सदन में चर्चा के लिए उचित माहौल नहीं बन पाया। इसके बाद बिल को समिति के पास भेजने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही उन्होंने सपा नेता शिवपाल यादव की ओर से आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।…

नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर विपक्ष पर जुबानी हमला किया। उन्होंने एफसीआरए बिल को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजे जाने को लेकर सरकार का पक्ष रखा और कहा कि सरकार चाहती थी कि विधेयक पर सदन में विस्तृत चर्चा हो, लेकिन सदन में चर्चा के लिए उचित माहौल नहीं बन पाया। इसके बाद बिल को समिति के पास भेजने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही उन्होंने सपा नेता शिवपाल यादव की ओर से आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।

समाजवादी पार्टी के सांसदों की ओर से चंदा चोरी के आरोपों के विरोध में किए गए प्रदर्शन और प्रदर्शन के दौरान एकत्रित राशि को प्राचीन हनुमान मंदिर में दान किए जाने के मुद्दे पर मुकेश राजपूत ने सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी खुद को रामभक्तों की पार्टी के रूप में पेश नहीं कर सकती। जब अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब रामभक्तों पर गोली चलाए जाने की घटना हुई थी। अखिलेश यादव को इस इतिहास को देखना और जनता को जवाब देना चाहिए। सपा सरकार के दौरान रामभक्तों पर लाठीचार्ज और मुकदमे किए गए और अब वही पार्टी चंदा चोरी के मुद्दे पर राजनीति कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और मामले की जांच चल रही है। प्रारंभिक जांच में जो लोग दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है और जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि चंदा विवाद को लेकर सपा की ओर से किया जा रहा प्रदर्शन हिंदू समाज को अपमानित करने का प्रयास है। उन्होंने सपा नेताओं से मस्जिदों, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों और मदरसों में कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर भी ध्यान देने की बात कही।

मुकेश राजपूत ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान इन संस्थानों को काफी धन और संरक्षण दिया गया था। उस धन का सही इस्तेमाल हुआ या नहीं और कहीं वह भ्रष्टाचार की भेंट तो नहीं चढ़ गया। इन मामलों की भी जांच होनी चाहिए और यदि कहीं अनियमितता हुई है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए। मंदिर और सनातन से जुड़े मामलों की चिंता करने के लिए संतों, पुजारियों और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों के लोग मौजूद हैं। इन विषयों पर समाज के संबंधित लोग अपनी भूमिका निभाने में सक्षम हैं।

एफसीआरए बिल को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजे जाने के सवाल पर मुकेश राजपूत ने कहा कि सरकार की मंशा विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराने की नहीं थी। सरकार चाहती थी कि इस पर सदन में पर्याप्त चर्चा हो। बिल को सदन में पारित कराया जा सकता था, लेकिन सरकार चाहती थी कि गृह मंत्री के नेतृत्व में विधेयक पर विस्तृत चर्चा हो और सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जाए। सदन में चर्चा के लिए उचित वातावरण नहीं बन पाया, इसलिए बिल को समिति के पास भेजा गया। जेपीसी में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल होते हैं और वहां विधेयक के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। समिति में चर्चा के बाद जो रिपोर्ट और सुझाव सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे सदन में विधेयक पर चर्चा होगी और फिर इसे पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

शिवपाल यादव की ओर से आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने के बयान पर मुकेश राजपूत ने कहा कि पहले तो समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की संभावना ही नहीं है और पार्टी के नेता दिन में मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं। यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो आजम खान को गृह मंत्री बनाने के बजाय सीधे मुख्यमंत्री बना देना चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि शिवपाल यादव और सपा जल्द घोषणा करें कि सरकार बनने पर आजम खान मुख्यमंत्री होंगे।

समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार और अपराध को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए मुकेश राजपूत ने कहा कि सपा की सरकारों के दौरान कथित तौर पर गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार चरम पर रहा। उन्होंने खाद्यान्न माफिया, बालू माफिया, मिट्टी माफिया और भू-माफिया जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान अलग-अलग प्रकार के माफिया तंत्र को संरक्षण मिला। आजम खान से जेल में मुलाकात करने वाले सपा नेताओं के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि पार्टी अभी भी अपराधियों के साथ खड़ी है। समाजवादी पार्टी में जितना बड़ा अपराधी होगा, वह उतना ही बड़ा नेता माना जाता है।

भाजपा सांसद ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की कानून-व्यवस्था नीति का बचाव करते हुए कहा कि सरकार अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने योगी सरकार की बुलडोजर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध और माफिया गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ उनके घरों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में यदि उत्तर प्रदेश में कोई अपराध करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार अपराधियों के मंसूबों को ध्वस्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

–आईएएनएस

पीएसके

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.