नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय सेना ने विशेष हेलिबोर्न ऑपरेशन से जुड़ी अपनी उन्नत क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। यह एक विशेष सैन्य अभ्यास का हिस्सा था, जिसे सेना के जवानों के लिए सफलतापूर्वक आयोजित किया।
इस अभ्यास का उद्देश्य युद्धक्षेत्र में सैनिकों और महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों को तेजी से, सटीकता के साथ और प्रभावी तरीके से पहुंचाने की क्षमता को और मजबूत करना था। अभ्यास के दौरान शत्रुजीत ब्रिगेड के सैनिकों की उन्नत हवाई प्रवेश तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इसमें एसटीआईई और स्लिदरिंग जैसी तकनीकों को शामिल किया गया। इन तकनीकों के जरिए हेलीकॉप्टर से सैनिकों को निर्धारित क्षेत्र में तेजी से उतारने जैसी कार्रवाई की गई।
वहीं, अभियान की परिस्थितियों के अनुरूप तत्काल कार्रवाई शुरू करने की क्षमता का परीक्षण भी किया गया। अभ्यास की एक प्रमुख उपलब्धि भारतीय वायु सेना के संसाधनों के साथ शत्रुजीत ब्रिगेड का निर्बाध समन्वय रहा। इससे हवाई माध्यम से सैनिकों की तेज और सटीक युद्धक तैनाती की क्षमता का प्रदर्शन हुआ। सेना और वायु सेना के बीच इस तरह का एकीकृत संचालन भविष्य के युद्धक्षेत्र में तेजी से बदलती परिस्थितियों के अनुरूप कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
अभ्यास का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर के जरिए पहली बार एक साथ विशेष तरीके से एलएसवी यानी लाइट स्ट्राइक व्हीकल और रैपिड टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को हवा में नीचे लटकाकर ले जाने की क्षमता का प्रदर्शन रहा। इस क्षमता के जरिए युद्धक्षेत्र में आवश्यक गतिशीलता वाले सैन्य वाहनों और उपकरणों को कम समय में अग्रिम क्षेत्र तक पहुंचाया जा सकता है।
यह क्षमता विशेष रूप से उन अभियानों में महत्वपूर्ण हो सकती है, जहां सैनिकों की त्वरित तैनाती के साथ-साथ उन्हें तत्काल गतिशीलता और परिवहन के साधन उपलब्ध कराना आवश्यक हो। इससे अभियान क्षेत्र में सैन्य टुकड़ियों की प्रतिक्रिया क्षमता और संचालन की गति बढ़ाने में मदद मिलेगी। शत्रुजीत ब्रिगेड की इस उपलब्धि से यह भी प्रदर्शित हुआ कि भारतीय सेना भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए तेज, एकीकृत और तुरंत प्रतिक्रिया देने वाली युद्धक क्षमताओं को लगातार विकसित कर रही है। यह अभ्यास शत्रुजीत ब्रिगेड की ऐसी सैन्य क्षमताओं के निर्माण की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, जो बदलते युद्धक्षेत्र में सैनिकों, हथियारों और महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों की त्वरित हवाई तैनाती, बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित कर सकें।
–आईएएनएस
जीसीबी/डीएससी
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