मराठा कार्यकर्ताओं ने नौकरियों और शिक्षा में तुरंत आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर आज यहां ‘जेल भरो’ प्रदर्शन किया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 34 प्रदर्शनकारियों के हिरासत में लिया गया। हालांकि उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
मराठा क्रांति मोर्चा के नेतृत्व में आरक्षण समर्थक समूहों ने दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में ‘जेल भरो’ प्रदर्शन आयोजित किया जबकि राज्य के कुछ हिस्सों में स्थानीय समूहों ने भी ऐसे ही विरोध प्रदर्शन किए।
एक अधिकारी ने यहां बताया कि मराठा समुदाय के आज के प्रदर्शन से शहर में रेल और सड़क यातायात प्रभावित नहीं हुआ है। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनों के मद्देनजर राज्य में सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं।
आजाद मैदान में एक प्रदर्शनकारी केदार शिंदे ने कहा, ‘‘हमारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मराठा समुदाय को आरक्षण देने के उनके खोखले वादों से भरोसा उठ गया है।’’ मराठा समुदाय के एक समूह ने लातूर जिले में राज्य के श्रम मंत्री संभाजी पाटिल-नीलांगेकर के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उत्तर सोलापुर में पुणे-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया। पुणे जिले के जुन्नार में भी प्रदर्शन किए गए और शिरुर तथा खेद तहसीलों में रैलियां निकाली गईं।
आक्रामक प्रदर्शनकारियों के गढ़ मराठावाड़ा क्षेत्र में हिंगोली जिले के किसानों ने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर बैलगाड़ी मार्च आयोजित किया।
महाराष्ट्र की 12 करोड़ आबादी का 30 फीसदी हिस्सा मराठा समुदाय का है। राज्य में पिछले दिस दिन से चल रहे विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है।
उनकी मांगों में नौकरियों और शिक्षा में 50 फीसदी आरक्षण, कोपर्डी बलात्कार मामले के आरोपियों को मौत की सजा और एसएसटी कानून के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उसमें संशोधन करना शामिल है।
आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान राज्य में अभी तक छह लोगों ने आत्महत्या की है। इसके अलावा लातूर जिले में आठ प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की भी कोशिश की।


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