सिलचर, 20 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने गुरुवार को सिलचर में जिला अधिकारियों के साथ मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि जिला पीएम आयुष्मान योजना और दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड जारी करने में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन शिक्षा और सामाजिक न्याय विभाग के डेटा में कुछ अंतर पाए गए हैं।
कानूनगो ने बताया, “जिला अधिकारियों के साथ मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर एक समीक्षा बैठक की गई। हमने कई विषयों पर चर्चा की। यह जिला पीएम आयुष्मान योजना को लागू करने में अच्छा काम कर रहा है, जिसमें कार्ड जारी करने के मामले में 73 प्रतिशत कवरेज हासिल किया गया है। दिव्यांग लोगों के लिए लगभग 80 प्रतिशत यूडीआईडी कार्ड भी जारी किए जा चुके हैं।”
हालांकि योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति दिख रही है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हमें सामाजिक न्याय विभाग और शिक्षा विभाग के पास मौजूद स्कूल न जाने वाले बच्चों के डेटा में कुछ अंतर मिला। हमने सुधार के लिए जरूरी निर्देश जारी किए हैं। हालांकि मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए योजनाओं को लागू करने के नजरिए से यह जिला अच्छा काम कर रहा है।”
बैठक में लड़कियों और बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कानूनगो ने कहा, “लड़कियों को तस्करी से बचाने के मामले में मेरी ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी है। पिछले डेढ़ साल में मैंने 800 से ज्यादा लड़कियों को बचाने में मदद की है। मुझे पक्का नहीं पता कि उनमें से कितनी असम की थीं, लेकिन हम पक्की जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हैं। निश्चित रूप से लड़कियों की तस्करी के मामलों में शुरुआती 24 घंटे बहुत अहम होते हैं। हमने यह भी निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। एफआईआर दर्ज करने और जांच का काम तुरंत शुरू हो जाना चाहिए।”
प्रियंक कानूनगो ने कहा, “बच्चों को ट्रैफिकिंग, बाल विवाह, चाइल्ड लेबर जैसे सभी तरीके के क्राइम को कम करने के लिए बच्चों का स्कूल जाना जरूरी है और हमारी भी यही कोशिश है।”
–आईएएनएस
पीआईएम/वीसी
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