NEET पेपर लीक विवाद को लेकर सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे। गुरुवार को 26 दिन बाद वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। सरकार की तरफ से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अनशन तोड़ने का फैसला लिया। रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह वांगचुक से मिलने के लिए मेदांता अस्पताल पहुंचे। इनके अलावा वहां लद्दाख की एपेक्स बॉडी के बड़े नेता भी मौजूद थे। वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर कर वो 3 मांगे बताई हैं, जिसपर मंत्रियों और उनके बीच सहमति बनी है।
क्या हैं वो 3 मांगे?
- खराब होती परीक्षा व्यवस्था के मामले पर भारतीय संसद में जवाबदेही के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
- सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि हाल ही में NEET पेपर लीक होने के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
- शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
END OF HUNGER… BEGINNING OF ACCOUNTABILITY…!
Sonam Wangchuk ends his fast after 26 days upon getting assurance from the government and members of parliament of all political parties that the issue of accountability in the failing examination system will be discussed on the… pic.twitter.com/0C9YX5VlsL— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 24, 2026
सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद तोड़ा अनशन
सोनम वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ काफी सख्त बातचीत चल रही थी। वे इस बात पर अड़े थे कि सरकार उन्हें मांगों का भरोसा मौखिक नहीं, बल्कि लिखित रूप में दे। इसी वजह से अनशन खत्म होने में दो दिन का और समय लग गया और उन्हें दो दिन और भूखा रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ती तो वे और भी दिन भूखे रहने को तैयार थे, लेकिन आखिरकार आज सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन देकर अनशन को खत्म कर दिया।


Download Android App
Download iOS App




