Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends: 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, सामने आई बड़ी वजह, जल्द बताएंगे पूरी शर्तें

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Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends: सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को शुक्रवार को समाप्त कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में हुई अहम बैठक के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। वांगचुक 28 जून से सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे थे। जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद खत्म हुआ अनशन मेदांता अस्पताल में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह…

Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends: सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को शुक्रवार को समाप्त कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में हुई अहम बैठक के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। वांगचुक 28 जून से सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे थे।

जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद खत्म हुआ अनशन

मेदांता अस्पताल में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। लंबी चर्चा के बाद सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया। उनकी तबीयत पिछले कुछ दिनों से लगातार खराब चल रही थी, जिसके कारण वे डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती थे।

बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान कई मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई, जिसके बाद सभी पक्षों के बीच सहमति बनने पर वांगचुक ने अनशन खत्म करने का निर्णय लिया।

सोशल मीडिया पर दी जानकारी

अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,

“अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह व लेह-लद्दाख की ‘एपेक्स बॉडी’ के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने 26 दिनों के बाद अपना अनशन समाप्त किया।”

उन्होंने आगे बताया कि इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था।

वांगचुक ने कहा कि यह फैसला विभिन्न शर्तों पर हुई लंबी बातचीत और देश में किसी भी संभावित हिंसा की आशंका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही एक वीडियो जारी कर उन सभी शर्तों और बातचीत के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

हिंसा से बचने की अपील

अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने समर्थकों और आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया जाना चाहिए।

उन्होंने लिखा कि सभी लोग सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी किसी प्रकार की हिंसक घटना न हो। उनका कहना था कि आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहना चाहिए और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी दी प्रतिक्रिया

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि वे डॉक्टरों की सलाह का पूरी तरह पालन करें।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि वह सोनम जी से आग्रह करते हैं कि वे चिकित्सकों के निर्देशों के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन तथा स्वास्थ्य वापस प्राप्त करें।

स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में कराया गया था भर्ती

अनशन के दौरान सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई थी। शुरुआत में उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था।

हालांकि, उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने की मांग की थी। इस संबंध में मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा।

दिल्ली हाईकोर्ट ने मेदांता शिफ्ट करने का दिया था आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को गंभीर मानते हुए उन्हें मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।

अदालत ने कहा था कि उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की लगातार निगरानी आवश्यक है। इसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी रहा।

मेदांता अस्पताल में हुई निर्णायक बैठक

मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

बैठक में आंदोलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। इसी बातचीत के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का ऐलान किया।

जल्द साझा करेंगे पूरी बातचीत की जानकारी

सोनम वांगचुक ने कहा है कि अनशन समाप्त करने के पीछे कई महत्वपूर्ण शर्तें और बातचीत हुई हैं, जिनकी विस्तृत जानकारी वह जल्द ही एक अलग वीडियो संदेश के जरिए साझा करेंगे।

फिलहाल उन्होंने अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने की अपील की है। वहीं, उनके अनशन समाप्त होने से लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन में फिलहाल एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है।

Shera Rajput