SSC पेपर लीक मामला : सड़कों पर उतरे छात्रों ने की सीबीआई जांच की मांग , वही विपक्ष ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

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कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने कंबाइंड ग्रेजुएट लेविल (CGL) 2017 टियर टू को लेकर उठा विवाद थम नहीं रहा है। आपको बता दे कि पिछले 2 दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं छात्रों ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) का पेपर लीक होने का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। बुधवार को छात्र संसद मार्ग पर विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्‍हें नहीं आगे नहीं जाने दिया।

छात्रों का आरोप है कि कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित सीजीएल 2017 के टियर 2की परीक्षा के प्रश्‍न पत्र और उत्‍तरकुंजी लीक हो गई थी। लीक होने के बाद से छात्र सड़कों पर उतरे हैं।

छात्रों ने आरोप लगाया है कि एसएससी परीक्षा में घोटाला किया जा रहा है। बता दें, कुछ समय परीक्षा में धांधली से जुड़ा एक स्क्रीन शॉट वायरल हो गया था, जिसके बाद से छात्र विरोध कर रहे हैं। विरोध करने के लिए छात्र एसएससी के लोधी रोड स्थित दफ्तर पहुंचने लगे।

वही ,इस मामले पर एसएससी चेयरमैन ने छात्रों के प्रतिनिधि मंडल से कहा कि पहले छात्र ठोस सबूत जुटा कर दें। उसके बाद हम कोई कार्रवाई कर पाएंगे। मै अपने स्तर पर सीबीआई जांच मांग का फैसला नहीं कर सकता हूं।

आपको ता दे कि जहां एक ओर भारत में नौकरी को लेकर मारा-मारी है वहीं जो छात्र परीक्षा के जरिेए नौकरी के लिए आवेदन करते हैं। उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई छात्र दिन-रात एक कर परीक्षा के लिए तैयारी करते हैं ताकि नौकरी मिल सके। ऐसे में कई परीक्षाएं रद्द हो रही हैं तो कहीं अभी तक आवेदन प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो पाई।

वही , इस मामले में कांग्रेस पार्टी के नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी जी भारत के युवाओं को सड़क पर सोने को क्यों मजबूर किया जाए, उन्हें पुलिस की मार झेलनी पड़े, क्यों जिद्दी अभिमानी सरकार के जांच सीबीआई को न सौंपने की वजह से उनका शोषण हो? क्या प्रधानमंत्री के पास इन युवाओं का दर्द सुनने के लिए दिल है?

गौरतलब है कि एसएससी द्वारा 21 फरवरी को स्नातक स्तर की परीक्षा आयोजित होनी थी। लेकिन पेपर से ठीक पहले प्रश्न-पत्र के लीक होने से छात्र गुस्से में थे। जिसके चलते एसएससी ने 24 फरवरी को एक नोटिस जारी किया था। जिसमें तकनीकी खामियों के चलते 21 फरवरी को होने वाली परीक्षा 9 मार्च को कराए जाने की बात कही गई थी। नोटिस में एसएससी के चैयरमैन आशिम खुराना ने दो कोचिंग संस्थानों पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने ये भी कहा कि एसएससी मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों के एक ग्रुप से भी मिला जिसमें छात्रों से अपने आरोपों को लेकर सबूत पेश करने के लिए कहा गया था।

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Desk Team