तमिलनाडु में बड़ी घोषणा: तीसरे बच्चे पर 1 साल की छुट्टी, विधायकों को नई कार और ₹75 हजार महीना

Summary :

तमिलनाडु की विजय सरकार ने कर्मचारियों और विधायकों के लिए बड़े फैसलों का ऐलान किया है। तीसरे बच्चे के जन्म पर एक साल की सवेतन मैटरनिटी लीव देने की योजना चर्चा में है। वहीं, राज्य के विधायकों को नई कारें देने की घोषणा की गई है। इन फैसलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

Tamil Nadu Government: तमिलनाडु की विजय सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए तीसरे बच्चे के जन्म पर एक साल की सवेतन (पैसे के साथ) मैटरनिटी लीव देने का बड़ा ऐलान किया है। राज्य में घटती जन्म दर को देखते हुए इस कदम को अहम माना जा रहा है। तमिलनाडु की कुल प्रजनन दर (TFR) 1971 में 3.9 थी, लेकिन अब यह घटकर लगभग 1.3 हो गई है, जो 2.1 के रिप्लेसमेंट लेवल से काफी कम है। बताते चले कि तमिलनाडु की विजय सरकार जब से सत्ता में आई है तब से एक के बाद एक बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के सभी जिलों के विधायकों के लिए नई कारें देने का ऐलान किया है।

सरकार का ध्यान ‘बेबी बूम’ पर

Tamil Nadu Baby Boom Policy (credit-sm)

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटती आबादी को लेकर चिंताओं के बीच तमिलनाडु में जनसंख्या नीति पर नई चर्चा शुरू हो गई है। सरकार अब अधिक बच्चों वाले परिवारों को राहत और प्रोत्साहन देने पर ध्यान देती दिख रही है; तीसरे बच्चे के लिए लंबी सवेतन छुट्टी का प्रावधान इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। इस उपाय का मकसद बच्चे के जन्म और बच्चे की देखभाल के शुरुआती दौर में परिवारों को आर्थिक राहत देना है।

विधायकों के लिए नई कारों का बड़ा तोहफा

इस बीच, मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के सभी जिलों के विधायकों के लिए नई कारें देने का ऐलान किया है। सरकार का कहना है कि जनता की समस्याओं को समझने के लिए विधायकों को अपने चुनाव क्षेत्रों का अक्सर दौरा करना पड़ता है और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना पड़ता है। इसलिए, उन्हें आने जाने के लिए, खासकर पहाड़ी इलाकों में, नई गाड़ियों का इंतजाम किया जा रहा है।

कार, ड्राइवर और ऑफिस का खर्च सरकार उठाएगी

बताते चले कि विधायकों को न सिर्फ नई कार मिलेगी, बल्कि गाड़ी और ड्राइवर के खर्च के लिए उन्हें हर महीने ₹75,000 भी दिए जाएंगे। इसके अलावा, हर विधायक के ऑफिस के लिए एक असिस्टेंट रखने के लिए हर महीने ₹25,000 दिए जाएंगे। कुल मिलाकर, सरकार चुनाव क्षेत्र के काम और ऑफिस के कामकाज के लिए अतिरिक्त आर्थिक मदद दे रही है। दोनों ही घोषणाओं ने तमिलनाडु की राजनीति और सरकारी खर्च को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। ध्यान रखने की बात है कि एक साल की सवेतन मैटरनिटी लीव सिर्फ तमिलनाडु की महिला सरकारी कर्मचारियों पर लागू होती है; प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं को इस नई 365 दिन की फायदे वाली स्कीम में शामिल नहीं किया गया है।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।