सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और टाटा टेलीसर्विसेज समेत दूरसंचार कंपनियों की ताजा अपीलों को अगले हफ्ते सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। कंपनियों ने दूरसंचार विभाग को 1.47 लाख करोड़ रुपए के वैधानिक बकाए के भुगतान के लिए नए सिरे से कार्यक्रम बनाने की मांग करते हुए याचिकाएं लगाई हैं।
प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने अभिषेक मनु सिंघवी और सी.ए. सुंदरम समेत वरिष्ठ अधिवक्ताओं की ओर से पेश दलीलें सुनीं और कहा कि वह नई याचिकाओं को “अगले हफ्ते किसी समय” उसी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करेगी, जिसने इस मामले में पुरानी याचिकाओं पर सुनवाई की है।

सुंदरम ने कोर्ट को बताया, “हम अपनी ओर से किए जाने वाले भुगतान को लेकर विवाद नहीं खड़ा कर रहे हैं बल्कि हम भुगतान के लिए नए कार्यक्रम पर काम करना चाहते हैं।” पीठ में न्यायमूर्ति एस ए नजीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी हैं। दूरसंचार कंपनियों ने कहा कि वे चाहती हैं कि उनकी ताजा याचिकाओं पर ओपन कोर्ट में सुनवाई हो।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “ओपन कोर्ट या फिर चैंबर में सुनवाई पर फैसला संबंधित पीठ लेगी।” न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की पीठ ने दूरसंचार कंपनियों को 1.47 लाख करोड़ रूपए के वैधानिक बकायों की रकम 23 जनवरी तक जमा करने के अपने आदेश पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाएं 16 जनवरी को खारिज कर दी थीं। कोर्ट ने कहा था कि उसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का कोई आधार नजर नहीं आया।


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