भुवनेश्वर : ‘फोनी’ बंगाल की खाड़ी में सबसे अधिक समय तक ठहरने वाला ऊष्णकटिबंधीय चक्रवात है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व निदेशक एस सी साहू ने कहा, ‘‘समुद्र और ज़मीन पर ग्यारह दिनों तक बेहद भयंकर चक्रवाती तूफान का कहर जारी रहा और इसे बंगाल की खाड़ी में सबसे लंबे समय तक रहने वाला चक्रवात माना जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि इस मजबूत चक्रवात की तीव्रता इसके तट को पार करने तक बनी रही और पुरी जिले के ब्रह्मगिरि के पास जमीन के सम्पर्क में आने के बाद भी इसकी तीव्रता कम नहीं हुई।
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साहू ने कहा हालांकि पूर्वानुमान के अनुसार ओडिशा में अत्यधिक भारी वर्षा नहीं हुई। वहीं सतपदा में स्थानीय लोगों द्वारा बताई गई तूफान से आई लहरों की ऊंचाई लगभग दस फुट थी, जबकि हवा की गति 200 किमी प्रति घंटा से अधिक थी।
चक्रवाती तूफान, जो 24 अप्रैल को भूमध्य रेखा के पास कम दबाव के रूप में शुरू हुआ था, उसके आने के बाद तट को पार करने में लगभग दो घंटे लगे और फिर उत्तर की ओर भुवनेश्वर और आस-पास के क्षेत्रों की ओर चला गया।
चक्रवात ‘फोनी’ तीन मई को ओडिशा पहुंचा था, जिससे यहां काफी नुकसान हुआ है। इसके चलते राज्य में 64 लोगों की मौत हुई तथा कम से कम 241 लोग घायल हुए।


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