पूर्ण युद्ध की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता: रिटायर्ड ब्रिगेडियर विजय सागर

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युद्ध की आशंका पर बोले रिटायर्ड ब्रिगेडियर

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच रिटायर्ड ब्रिगेडियर विजय सागर ने युद्ध की आशंका को नकारा नहीं है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को मॉक ड्रिल का निर्देश दिया है। पहलगाम आतंकी हमले और सिंधु जल संधि पर भारत के कड़े रुख से पाकिस्तान तनाव में है। युद्ध की स्थिति में दोनों पक्षों द्वारा हवाई हमलों या मिसाइल हमलों सहित आक्रामक कार्रवाइयों में शामिल होने की आशंका है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार आतंकवाद और पाकिस्तान पर अपना शिकंजा कस रही है, जिससे पाकिस्तान में छटपटाहट साफ दिख रही है। पाकिस्तान को डर सता रहा है कि कभी भी भारत उस पर आक्रमण कर सकता है। अब इस कड़ी में गृह मंत्रालय ने 7 मई को सभी राज्यों को मॉक ड्रिल करने का निर्देश दिया है। गृह मंत्रालय के इस निर्देश पर थल सेना के रिटायर्ड ब्रिगेडियर विजय सागर ने कहा कि युद्ध की आशंकाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। रिटायर्ड ब्रिगेडियर विजय सागर ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में पहलगाम आतंकी हमले, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक और सिंधु जल संधि पर प्रतिक्रिया दी। गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को मॉक ड्रिल करने के निर्देश पर रिटायर ब्रिगेडियर विजय सागर ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक पर उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद जिस तरह से भारत सरकार ने पांच महत्वपूर्ण फैसले लिए थे, इसके बाद से ही पाकिस्तान तनाव में है। पाकिस्तान की ओर से गीदड़भभकी दी जा रही है। लेकिन, भारत सरकार ने जिस तरह से रुख स्पष्ट किया है, उससे पाकिस्तान को भी समझ आ गया है कि उसकी गीदड़भभकी काम नहीं आने वाली है। चाहे वह किसी भी बैठक में जाए, उसका साथ कोई देने वाला नहीं है। पाकिस्तान अब अलग-थलग पड़ गया है।

सिंधु जल संधि निलंबित होने पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इससे भी करारा जवाब मिला है। हम पानी रोकेंगे। हमारी सेना पाकिस्तान में उन्हें निशाना बनाएगी जो आतंकवाद के जन्मदाता हैं, जो भारत के खिलाफ षडयंत्र रचते हैं। इसमें पाकिस्तान की आईएसआई या फिर आर्मी चीफ। भारत की सेना नियमित तौर पर स्टेप बाई स्टेप इन पर कार्रवाई करेगी।

पूर्ण युद्ध की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। युद्ध की स्थिति में दोनों पक्षों द्वारा हवाई हमलों या मिसाइल हमलों सहित आक्रामक कार्रवाइयों में शामिल होने की आशंका है। किसी भी देश के नागरिक क्षेत्रों पर किसी भी हमले से अनिवार्य रूप से जान-माल की भारी क्षति होगी। इस हानि को कैसे कम किया जाए, मॉक ड्रिल करने के पीछे यही उद्देश्य है कि युद्ध के दौरान तैयारियां कैसी रखनी हैं और कैसे बचाव करना है। क्योंकि, दो देशों के बीच लड़ाई सिर्फ देश की सेना ही नहीं लड़ती, हमारी जनता भी लड़ती है।

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