वेंकटचलम (आंध्र प्रदेश) : ग्रामीण भारत के बारे में महात्मा गांधी के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को कहा कि अब समय आ गया है कि हम वंचितों, छात्रों और जरूरतमंदों को अपना योगदान देकर समाज का ऋण चुकाएं। कोविंद ने यहाँ स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 18वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि हम आज जिस भी स्थान पर पहुंचे हैं, जो भी उपलब्धि हासिल की है, उसके पीछे समाज का आशीर्वाद और प्रयासों का भी योगदान है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि वंचित लोगों, वंचित छात्रों और जरूरतमंदों को योगदान देकर समाज का ऋण चुकाया जाए।
राष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण भारत के बारे में महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। नयी प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर हम ग्रामीण भारत की बेहतर ढंग से सेवा कर सकते हैं। उन्होंने स्वर्ण भारत ट्रस्ट की सराहना करते हुए कहा कि इसने महात्मा गांधी के नारे ‘‘चलो गांव की ओर’’ से प्रेरणा ली । उन्होंने कहा कि आज हम पर्यावरण के अनुकूल वस्त्र की बात करते हैं लेकिन एक सदी पहले गांधीजी ने लोगों से अपने निजी इस्तेमाल के लिए चरखा कातने की अपील की थी। कोविंद ने साथ ही कहा कि स्वच्छ भारत मिशन और आधुनिक स्वच्छता सुविधाओं तक सभी लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने में मिली सफलता महात्मा गांधी को उनकी 150वीं जयंती पर श्रेष्ठ श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट एक और महान विभूति से प्रेरित है जिनका नाम नानाजी देशमुख है। वह एक आदर्श सुधारवादी थे और मध्य प्रदेश के चित्रकूट में किए गए उनके कार्य तो संपूर्ण देश के लिए एक उदाहरण हैं । वहीं, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मानव सेवा ही माधव (ईश्वर) है। उन्होंने कहा कि जिस भी व्यक्ति ने जीवन में कुछ उपलब्धियां हासिल की हों उसे अपने समय या धन या संसाधन अथवा विचार लोगों के सेवा में लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को खुशी प्रदान करने के लिए किया गया कोई भी कार्य सेवा ही है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने सेवा की प्रेरणा नानाजी देशमुख से ली है ।
कोविंद ने शुक्रवार यहां स्वर्ण भारत ट्रस्ट की 18वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उपराष्ट्रपति नायडू ने इस गैर सरकारी संगठन की शुरूआत की थी। उन्होंने छात्रों द्वारा पेश किये गये सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखे। इस समारोह में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ई एस एल नरसिंहन, राज्य के मंत्री पी नारायण, एन अमरनाथ रेड्डी, एस सी रेड्डी, विशाखापट्टनम के सांसद के हरिबाबू सहित अन्य मौजूद थे। उपराष्ट्रपति नायडू के गृह जिले नेल्लोर से शुरू हुए इस ट्रस्ट ने अपनी गतिविधियों का विस्तार विजयवाड़ा और हैदराबाद तक किया है। यह ट्रस्ट ज्यादातर स्वास्थ्य देखभाल, कृषक कल्याण, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के बीच कौशल विकास जैसे ग्रामीण विकास से जुड़े क्षेत्रों में काम करता है।


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