भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य के लिए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में तीसरे लॉन्च पैड के निर्माण के लिए 3,985 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी देने की घोषणा की। यह घोषणा गुरुवार को कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान की गई, जिसमें देश की अंतरिक्ष क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला गया। तीसरा लॉन्च पैड अगली पीढ़ी के लॉन्च व्हीकल (एनजीएलवी) को सहायता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे भारी पेलोड को लॉन्च करना संभव होगा और एलवीएम3 रॉकेट की लॉन्च क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, यह गगनयान मिशनों, विशेष रूप से नियोजित भारतीय क्रूड मून लैंडिंग मिशन और भविष्य के मानव अंतरिक्ष उड़ान प्रयासों के लिए सुविधा प्रदान करेगा।
मंत्री वैष्णव ने इस बात पर जोर दिया कि नया पैड न केवल मौजूदा लॉन्च आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए स्केलेबल इंफ्रास्ट्रक्चर भी प्रदान करेगा। तीसरा लॉन्च पैड पहले से स्थापित दूसरे लॉन्च पैड (एसएलपी) के साथ सह-स्थित होगा, जो मौजूदा बुनियादी ढांचे का सबसे अच्छा उपयोग करेगा।
इस परियोजना के 48 महीनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, जिससे भारत अंतरिक्ष अन्वेषण की बढ़ती मांगों को पूरा करने की स्थिति में होगा। टीएलपी परियोजना के दायरे में जेट डिफ्लेक्टर, लॉन्च टॉवर और लाइटनिंग सप्रेशन सिस्टम जैसी कई प्रमुख सुविधाओं की स्थापना शामिल है। इसमें सुचारू लॉन्च सुनिश्चित करने के लिए रेंज सिस्टम और चेकआउट इंटरफेस के अलावा लिक्विड मीथेन और क्रायोजेनिक ईंधन दोनों के लिए प्रणोदक भंडारण और सर्विसिंग सुविधाओं का निर्माण भी शामिल होगा।
यह मंजूरी भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश करने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई, जिनमें इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत सेमीकंडक्टर यूनिट, चंद्रयान-4 मिशन, वीनस मिशन और अगली पीढ़ी के सैटेलाइट लॉन्च वाहनों का विकास शामिल है।


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