1 – मजबूत होंगे रिश्ते, टू-प्लस-टू बैठक ने बढ़ा दी चीन की टेंशन
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग को टू-प्लस-टू वार्ता से नई ऊंचाई मिलेगी। बता दें कि दोनों देश रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में घनिष्ठता के साथ काम कर रहे हैं। मंगलवार को होने वाली टू प्लस टू वार्ता के लिए सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री पोंपियो और रक्षामंत्री मार्क एस्पर दिल्ली पहुंचे। राजनाथ और एस्पर के बीच और जयशंकर पोंपियो के बीच अलग अलग द्विपक्षीय वार्ता हुई। राजनाथ सिंह के साथ बातचीत से पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री को रायसीना हिल में साउथ ब्लॉक के बाहर तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों देशों के विदेश व रक्षामंत्री मंगलवार को भारत-अमेरिका के बीच टू-प्लस-टू वार्ता के तीसरे संस्करण में हिस्सा लेंगे। अमेरिका में चुनाव से महज एक हफ्ते पहले ट्रंप के दो शीर्ष मंत्रियों की यह वार्ता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वार्ता में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने का चीन का प्रयास और पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में उसका आक्रामक व्यवहार भी शामिल है। टू प्लस टू वार्ता से साफ संकेत मिल रहा है कि चीन से तनाव के बीच यह रिश्ता और मजबूत होगा। बता दें कि पहली बैठक में एनएसजी में जल्द से जल्द भारत की सदस्यता पर बातचीत हुई थी। फिर 18 दिसंबर, 2019 को भारत और अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच वाशिंगटन में ‘टू प्लस टू वार्ता’ हुई थी।
2 – बिहार चुनाव 2020 : विकास का मोदी फैक्टर भुनाने की कोशिश में BJP
राज्य सरकार को लेकर बने सत्ता विरोधी माहौल (एंटी इनकंबेंसी) को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे का ज्यादा इस्तेमाल कर रही है। गठबंधन में नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को प्रमुखता दे रही है। चुनावी पोस्टर से लेकर रैलियों में मोदी और केंद्र सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। उसके केंद्रीय नेता राजद व कांग्रेस पर तो हमलावर है ही, साथ ही अपनी रणनीति पर भी तेजी से अमल कर रहे है। सूत्रों के अनुसार, पहले दौर के चुनाव प्रचार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जिस तरह से जनता का गुस्सा सामने आया है। उससे भाजपा की चिंताएं बढ़ी है। पहले की तरह नीतीश कुमार का पुराना जादू अब नहीं दिख रहा है। लेकिन भाजपा माहौल को देखते हुए सतर्कता बरत रही है। पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा है कि चुनाव में किसी भी चीज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इसलिए पिछले विधानसभा चुनाव और इस विधानसभा चुनाव के बीच जिस तरह के राजनीतिक समीकरण बदले हैं उसे देखते हुए भी पार्टी अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।
3 – MP : ‘आइटम’ के बाद ‘चुन्नू-मुन्नू’ पर बवाल, चुनाव आयोग ने विजयवर्गीय से मांगा जवाब
मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए तीन नवंबर को उपचुनाव होने हैं उसी बीच कमलनाथ के ‘आइटम’ बयान के बाद कैलाश विजयवर्गीय ‘चुन्नू-मुन्नू’ वाली टिप्पणी पर चुनाव आयोग हरकत में आया है और नोटिस जारी किया है। एक ओर जहां कमलनाथ को चुनाव आयोग ने उनके बयान पर नसीहत दी है तो दूसरी ओर विजयवर्गीय को नोटिस जारीर कर जवाब देने को कहा है। उनकी कथित ‘चुन्नू-मुन्नू’ वाली टिप्पणी के अगले 48 घंटे में जवाब देने को कहा है। और आयोग ने कांग्रेस नेता को आदर्श आचार संहिता की अवधि में सार्वजनिक तौर पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी। आयोग ने सोमवार को कांग्रेस नेता के खिलाफ आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया, ‘आयोग मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सलाह देता है कि आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान सार्वजनिक बातचीत के समय उन्हें इस तरह के शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए या ऐसे बयान नहीं देना चाहिए।’ आयोग ने कहा कि कमलनाथ ने एक महिला के लिए ‘आइटम शब्द का इस्तेमाल किया और यह आचार संहिता संबंधी आयोग द्वारा जारी परामर्श का उल्लंघन है।
4 – AIR POLLUTION : प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार लाएगी कानून
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में किसानों द्वारा खेतों में जलाई जा रही पराली से दिल्ली – NCR क्षेत्र की हवा जहरीली होती जा रही है। इसी को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार कानून लाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर के आसपास पराली जलाने पर निगरानी और इससे निपटने के लिए उठाए गए कदमों के समन्वय के लिए शीर्ष कोर्ट के सेवानिवृत्त जज मदन बी लोकुर की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। शीर्ष कोर्ट ने केंद्र सरकार के आग्रह पर अपने 16 अक्तूबर के फैसले पर रोक लगाई है। सीजेआई एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यन की पीठ ने केंद्र द्वारा वायु प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक कानून लाने के आश्वासन के चलते यह फैसला किया है। पीठ ने कहा, प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। यही एक बड़ा मुद्दा है जिसका हल तुरंत होना चाहिए और वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। पीठ ने कहा था कि वह सिर्फ इतना चाहती है कि दिल्ली एनसीआर के लोग बिना किसी प्रदूषण के स्वच्छ हवा में सांस लें। पीठ अब इस मामले में प्रदूषण से जुड़े अन्य लंबित मामलों के साथ 29 अक्तूबर को सुनवाई करेगी।
5 – कोरोना वायरस : दिल्ली में दिखा कोरोना का तीसरा चरम, विशेषज्ञ बोले- अभी और होगा इजाफा
तीन दिन से संक्रमण के चार हजार से ज्यादा मामले आ रहे हैं। इससे पहले सितंबर माह में भी इसी तरह दैनिक मामले आ रहे थे। तब संक्रमण की दूसरी लहर थी। दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 2832 संक्रमितों की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय से पहले ही दिल्ली में कोरोना का तीसरा चरम दिख रहा है। पहले त्यौहारी मौसम के दौरान मामले बढ़ने के आसार थे, लेकिन उससे काफी पहले ही केस बढ़ रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण मौसम में परिवर्तन और प्रदूषण है। हालांकि इसके कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, तीन दिन में संक्रमण के 12,338 मामले आए हैं। इससे पहले 15 से 22 सितंबर के बीच भी रोजाना चार हजार से ज्यादा संक्रमित मिल रहे थे। तब 16 सितंबर को 4473 केस आए थे। उसके बाद मामले घटने लगे थे और 2100 तक पहुंच गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि जिस हिसाब से अब रोजाना मामले बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि दिल्ली में कोरोना का तीसरा चरम चल रहा है।


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