रक्षामंत्री से मिले दरगाहों के शीर्ष मौलवी, कहा-अब भारत सिर्फ शब्दों से नहीं, कर्मों से देता है जवाब

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देश भर के दरगाहों के शीर्ष मौलवियों ने रक्षा मंत्री से मिलकर ऑपरेशन सिंदूर के…

देश की प्रमुख दरगाहों के शीर्ष मौलवियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के साथ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और तत्कालीन कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात की।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए मुस्लिम समुदाय की ओर से आभार

इस अवसर पर उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए मोदी सरकार और भारतीय सेना का पूरे मुस्लिम समुदाय की ओर से आभार प्रकट किया।

दरगाहों के प्रतिनिधिमंडल की रक्षा मंत्री से अहम मुलाकात

बता दे कि केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल के शीर्ष मौलवियों में अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख के उत्तराधिकारी और अखिल भारतीय सूफी सज्जादानशीन परिषद के अध्यक्ष हजरत सैयद नसरुद्दीन चिश्ती भी शामिल थे।

अखिल भारतीय सूफी सज्जादानशीन काउंसिल (महिला विंग) की सचिव बबली परवीन भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल थीं।

आतंक के खिलाफ भारत की नई और स्पष्ट नीति

बयान के अनुसार, देशभर की प्रतिष्ठित दरगाहों के प्रमुखों ने सर्वसम्मति से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आतंक के खिलाफ एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि अब भारत की नीति स्पष्ट है — अगर कोई निर्दोष भारतीयों पर हमला करेगा, तो भारत घर में घुसकर जवाब देगा। पाकिस्तान अब परमाणु हथियारों की आड़ में आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दे सकता। हमारी सेना आतंकियों और उनके ठिकानों को, चाहे वो पाकिस्तान में ही क्यों न हों, खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारतीय सेना की बहादुरी पर गर्व, आतंकी शिविर किए ध्वस्त

प्रतिनिधिमंडल ने सेना द्वारा नौ आतंकी शिविरों और पाकिस्तानी सेना के 11 ठिकानों को नष्ट किए जाने की सराहना की और इसे हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया। उसने कहा कि पाकिस्तान को अब आतंकवाद का समर्थन नहीं करना चाहिए, अन्यथा आतंकवादियों और उनके समर्थकों के बीच कोई अंतर नहीं रह जाएगा।

सिंदूर का सम्मान: भारतीय संस्कृति और एकता का प्रतीक

प्रतिनिधियों ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि सिंदूर का सम्मान भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक आस्थाओं का प्रतीक है। पहलगाम हमला मानवता के खिलाफ अपराध है, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका स्पष्ट है।

इस्लाम के नाम पर आतंक बर्दाश्त नहीं

सभी इस्लामिक देशों को इस तरह के कृत्यों की अनुमति देने और इस्लाम के नाम को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान का बहिष्कार करना चाहिए। जो कोई भी इसका समर्थन करता है वह इस्लाम और मानवता का दुश्मन है।

पाकिस्तान को मिला सख्त संदेश

शहजाद पूनावाला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक देश की विभिन्न दरगाहों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया है कि आज का भारत दृढ़ है, और हमारी सेना आतंकवाद के खिलाफ पूरी मजबूती से खड़ी है।

चिश्ती साहब का बयान: नया भारत अब जवाब नहीं, कार्रवाई करता है

हजरत सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि हमने देशभर के सूफी प्रतिनिधियों को बुलाया है और सरकार व सेना को धन्यवाद दिया है। आज का भारत बातों से नहीं, अपने कार्यों और निर्णयों से जवाब देता है।

Shera Rajput