तृणमूल सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की मुलाकात, अपराजिता विधेयक को मंजूरी देने की मांग

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तृणमूल सांसदों ने अपराजिता विधेयक को लेकर सौंपा पत्र

तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर ‘अपराजिता महिला एवं बाल (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून) विधेयक’ को जल्द मंजूरी देने की मांग की। इस विधेयक में बलात्कार और हत्या के मामलों में दोषियों को मृत्युदंड देने का प्रावधान है। वहीं, पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं ने इसे “दिखावा” करारा दिया है। भाजपा ने दावा किया है कि बलात्कार और हत्या के मामले में राज्य प्रशासन की निंदनीय भूमिका के मद्देनजर यह प्रयास हास्यास्पद है।

पिछले वर्ष अगस्त में कोलकाता स्थित सरकारी आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की जूनियर महिला डॉक्टर के साथ हुए जघन्य बलात्कार एवं हत्या के विरोध में देशभर में चल रहे विरोध के बीच पिछले वर्ष सितम्बर में पश्चिम बंगाल विधानसभा में यह विधेयक पारित किया गया था। लोकसभा और राज्यसभा में पार्टी के नेता सुदीप बंदोपाध्याय और डेरेक ओ ब्रायन के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने गुरुवार दोपहर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें तीन पृष्ठों का एक पत्र सौंपा, जिसमें विस्तार से बताया गया है कि राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा विधेयक को शीघ्र मंजूरी देना क्यों आवश्यक है।

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक में बलात्कार और हत्या के मामलों में 21 दिनों में जांच पूरी करने और 30 दिनों के भीतर आरोप-पत्र दाखिल करने के प्रावधानों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। पत्र में मामले में सुनवाई प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के प्रावधानों के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत कुछ प्रस्तावित प्रावधानों का भी विवरण दिया गया है। हालांकि, पश्चिम बंगाल से भाजपा के राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने इस घटनाक्रम को राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी की एक हास्यास्पद कोशिश बताया।

उन्होंने कहा कि हम भी ऐसे मामलों में दोषियों के लिए कड़ी सजा चाहते हैं। लेकिन तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे पर लोगों को खुश करने की कोशिश कर रही है। पहले राज्य प्रशासन ने आर.जी. कर बलात्कार और हत्या मामले में सबूत नष्ट करने की पूरी कोशिश की। अब वे यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे इस मामले में कितने गंभीर हैं।

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