दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र 13-14 मई को आयोजित किया जाएगा, जिसमें निजी स्कूल फीस विधेयक पेश होगा। इस विधेयक का उद्देश्य निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर नियंत्रण लाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक में जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई।
रविवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनमें 13 और 14 मई को दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की घोषणा प्रमुख रही। बैठक की शुरुआत मानसून से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के उपायों और तैयारियों पर चर्चा से हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी विशेष सत्र में ‘निजी स्कूल फीस अधिनियम’ (दिल्ली स्कूल शिक्षा शुल्क निर्धारण एवं विनियमन पारदर्शिता विधेयक) को विधानसभा में पेश किया जाएगा। दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा, “इस विधेयक का उद्देश्य निजी स्कूलों की मनमानी और अनियंत्रित फीस पर लगाम लगाना है। इससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।”
निजी स्कूल फीस नियंत्रण कानून विधानसभा में होगा पेश
भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय और अनिल गोयल ने भी विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह कानून पूरी तरह से अभिभावकों के हित में है और अब निजी स्कूलों को जवाबदेह बनाना जरूरी है। सरकार इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मानसून से पहले जलभराव रोकने पर जोर
बैठक में प्री-मानसून तैयारियों को लेकर भी गहन चर्चा की गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी विधायकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थानों की पहचान करें और नालों व सीवरों की सफाई का कार्य समय पर पूरा करवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि इस बार दिल्लीवासियों को जलभराव की समस्या न झेलनी पड़े।
विशेष सत्र में शिक्षा और अधोसंरचना दोनों होंगे केंद्र में
13 और 14 मई को होने वाला यह विशेष सत्र दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाले विधेयक की प्रस्तुति के साथ-साथ मानसून की तैयारियों की समीक्षा का भी मंच बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “हर विधानसभा में समय पर कार्रवाई हो, यही हमारी प्राथमिकता है।”


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