नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने 13 मार्च को भारत में छह नागरिकों की हिरासत को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने कहा कि अभी तक कोई तथ्य यह साबित नहीं करता कि ये नागरिक भारत या म्यांमार में गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल थे।
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, नागरिकों पर मिजोरम राज्य में अनधिकृत उपस्थिति का आरोप है। साथ ही भारत और म्यांमार के बीच राज्य सीमा को कथित तौर पर अवैध रूप से पार करने का आरोप है। फिलहाल, भारत में इस मसले को लेकर कार्रवाई का दौर चल रहा है।
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि अभी तक कोई भी स्थापित तथ्य नहीं है जो यह साबित करे कि उक्त यूक्रेनी नागरिकों का भारत या म्यांमार की सीमा पर गैरकानूनी गतिविधियों में कोई संबंध है। कहा गया कि कुछ प्रकाशनों में तथ्यों की गलत व्याख्या की जा रही है।
मंत्रालय की ओर से कहा गया कि जांच के हित में मामले का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जा गया है। भारत में यूक्रेनी दूतावास के यूक्रेनी वाणिज्य दूत अधिकारियों की ओर से नागरिकों को कानूनी सहायता और अदालत की कार्यवाही के दौरान रक्षात्मक वकील प्रदान किए गए हैं। 16 मार्च को अदालत की सुनवाई हुई, जिसमें भारत गणराज्य में यूक्रेन दूतावास के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। हालांकि, उन्हें हिरासत में रखे गए नागरिकों के साथ सीधे संवाद करने की अनुमति नहीं दी गई। सुनवाई के बाद, अदालत ने उनकी हिरासत को 27 मार्च तक बढ़ाने का निर्णय लिया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित प्रथाओं के विपरीत, भारत स्थित यूक्रेन के दूतावास को भारत के संबंधित अधिकारियों की ओर से इन यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत के संबंध में कोई भी आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई। यूक्रेन की ओर से इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए नागरिकों तक कांसुलर अधिकारियों की निर्बाध पहुंच तत्काल सुनिश्चित की जाए।
भारत में यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक विरोध-पत्र सौंपा, जिसमें इन यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई और उन तक पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की गई थी। इसके अतिरिक्त, दूतावास भारत के अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ भी लगातार संपर्क बनाए हुए है, ताकि हिरासत में लिए जाने के सभी कारणों और परिस्थितियों को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।
यूक्रेनी कूटनीतिक मिशन हिरासत में रखे गए नागरिकों के परिवारों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति पर विशेष नियंत्रण बनाए रखता है।
हम इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित करते हैं कि भारत में विदेशी नागरिकों के लिए कुछ सीमित-प्रवेश वाले क्षेत्र हैं, जिनमें प्रवेश केवल विशेष अनुमति के साथ ही संभव है। साथ ही, अक्सर ऐसे क्षेत्रों पर उचित संकेतक अंकन अनुपस्थित होता है, जिससे स्थापित नियमों का अनजाने में उल्लंघन होने का जोखिम रहता है।
–आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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