यूपी समेत 7 राज्यों में बनेंगे पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, सरकार ने दी मंजूरी: गिरिराज सिंह

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नई दिल्‍ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। सरकार ने उत्‍तर प्रदेश समेत कई राज्‍यों में पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्र) पार्क स्थापित करने को अंतिम रूप दे दिया है। इन राज्‍यों में तमिलनाडु (विरुधनगर), तेलंगाना (वारंगल), गुजरात (नवासारी), कर्नाटक (कलबुर्गी), मध्य प्रदेश (धार), उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और महाराष्ट्र (अमरावती) शामिल हैं। यह जानकारी वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। इसके अतिरिक्त, सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में “चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना” योजना की घोषणा की है। योजना की शीघ्र स्वीकृति और त्वरित कार्यान्वयन सुनिश्चित…

नई दिल्‍ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। सरकार ने उत्‍तर प्रदेश समेत कई राज्‍यों में पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्र) पार्क स्थापित करने को अंतिम रूप दे दिया है। इन राज्‍यों में तमिलनाडु (विरुधनगर), तेलंगाना (वारंगल), गुजरात (नवासारी), कर्नाटक (कलबुर्गी), मध्य प्रदेश (धार), उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और महाराष्ट्र (अमरावती) शामिल हैं। यह जानकारी वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

इसके अतिरिक्त, सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में “चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना” योजना की घोषणा की है। योजना की शीघ्र स्वीकृति और त्वरित कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श प्रक्रिया शुरू की है।

सरकार राजस्थान सहित पूरे देश में हथकरघा क्षेत्र के आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण तथा हथकरघा श्रमिकों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम, कच्चा माल आपूर्ति योजना और कच्चा माल आपूर्ति योजनाओं का संचालन कर रही है।

उपर्युक्त योजनाओं के अंतर्गत, पात्र हथकरघा एजेंसियों और श्रमिकों को कच्चे माल, उन्नत करघों और सहायक उपकरणों की खरीद, सौर प्रकाश इकाइयों, कार्यशालाओं के निर्माण, उत्पाद विविधीकरण और डिजाइन नवाचार, तकनीकी और सामान्य बुनियादी ढांचे, घरेलू और विदेशी बाजारों में हथकरघा उत्पादों के विपणन, बुनकरों की मुद्रा योजना के तहत रियायती ऋण और सामाजिक सुरक्षा आदि के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

इसके अतिरिक्त, सरकार देशभर में हस्तशिल्प क्षेत्र के समग्र विकास और संवर्धन के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) और व्यापक हस्तशिल्प क्लस्टर विकास योजना (सीएचसीडीएस) नामक दो योजनाएं भी लागू करती है।

इन योजनाओं के तहत कारीगरों को विपणन कार्यक्रमों, कौशल विकास, क्लस्टर विकास, उत्पादक कंपनियों के गठन, कारीगरों को प्रत्यक्ष लाभ, अवसंरचनात्मक और तकनीकी सहायता, अनुसंधान एवं विकास सहायता, डिजिटलीकरण, हस्तशिल्प उत्पादों की ब्रांडिंग और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विपणन आदि के माध्यम से संपूर्ण सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यकता आधारित वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जाती है, जिससे देशभर के पारंपरिक शिल्पों और कारीगरों को लाभ होता है।

केंद्रीय बजट में सरकार ने एक एकीकृत वस्त्र कार्यक्रम की भी घोषणा की है जिसमें वस्त्र विस्तार और रोजगार योजना (टीईईएम) शामिल है, जिसका उद्देश्य मशीनरी के लिए पूंजीगत सहायता, प्रौद्योगिकी उन्नयन और सामान्य परीक्षण और प्रमाणन केंद्रों के साथ पारंपरिक क्लस्टरों का आधुनिकीकरण करना है।

–आईएएनएस

एएसएच/डीके/वीसी

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