राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने मंगलवार को उच्च सदन में कहा कि यह कहना सही नहीं है कि उच्च सदन में कृषि से संबंधित विधेयकों पर चर्चा नहीं हुयी।
उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि कृषि कानूनों पर कोई चर्चा नहीं हुयी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सदन के कामकाज का रिकार्ड देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि रिकार्ड के अनुसार सदन में कृषि विधेयकों पर चार घंटे चर्चा हुयी।
नायडू ने कहा कि उन विधेयकों पर मतविभाजन को लेकर अलग अलग नजरिए हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले ही दोहरा चुके हैं कि सदन में कृषि कानूनों पर विस्तृत चर्चा हुयी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘गलत धारणा बनायी जा रही है कि कोई चर्चा नहीं हुयी। मतविभाजन को लेकर लोगों की अपनी दलीलें हो सकती हैं। लेकिन जहां तक चर्चा का मुद्दा है, सभी दलों ने अपनी ओर से भाग लिया और सुझाव दिए। यह रिकार्ड में है।’’
नायडू ने यह टिप्पणी उस समय की जब कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के मुद्दे पर सदन में तुरंत चर्चा कराने की मांग करते हुए हंगामा किया।


Download Android App
Download iOS App



