Explainer : सिद्धारमैया के बाद DK Shivkumar बनेंगे कर्णाटक के मुख्यमंत्री, जानिए छात्र राजनीति से लेकर सत्ता शीर्ष तक पहुंचने की पूरी कहानी

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Who is DK Shivakumar? : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने जा रहे हैं. उन्होंने अगले मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्तावित किया है. सारी अटकलें और संभावनाएं वैसे भी डीके शिवकुमार को नए मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर चल रही थीं, जिस पर सिद्धारमैया ने एक तरह से मोहर लगाने का काम कर दिया है. बताया जा रहा है कि दोपहर 3 बजे सिद्धारमैया लोकभवन जाएंगे, जहां वे राज्यपाल ऑफिस को अपना इस्तीफा सौंपेंगे. ऐसे में हम आपको राज्य में बन रहे संभावित नए मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के राजनीतिक कैरियर…

Who is DK Shivakumar? : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने जा रहे हैं. उन्होंने अगले मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्तावित किया है. सारी अटकलें और संभावनाएं वैसे भी डीके शिवकुमार को नए मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर चल रही थीं, जिस पर सिद्धारमैया ने एक तरह से मोहर लगाने का काम कर दिया है.

बताया जा रहा है कि दोपहर 3 बजे सिद्धारमैया लोकभवन जाएंगे, जहां वे राज्यपाल ऑफिस को अपना इस्तीफा सौंपेंगे. ऐसे में हम आपको राज्य में बन रहे संभावित नए मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के राजनीतिक कैरियर को लेकर बताने जा रहे हैं कि कैसे वे कांग्रेस के लॉयल कार्यकर्ता से लेकर राज्य में शीर्ष तक पहुंचे.

New Karnataka Deputy CM DK Shivakumar : डी के शिवकुमार का राजनीतिक कैरियर

Who is DK Shivakumar?
Who is DK Shivakumar? (source : social media)

छात्र नेता से शुरुआत : डी के शिवकुमार का जन्म बैंगलोर के कनकपुरा में हुआ. वे अपनी यंग एज से राजनीति में सक्रिय हो गए थे. छात्र नेता से शुरू होकर कर्नाटक के सत्ता केंद्र तक पहुंचने तक डीके शिवकुमार का राजनीतिक करियर चार दशकों से अधिक समय तक फैला हुआ है.

बताया जाता है कि शिवकुमार ने 18 साल की उम्र में सार्वजनिक जीवन में प्रवेश कर लिया था, वे उस दौरान कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई यानी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया में शामिल हुए. उन्होंने कांग्रेस में तेजी से अपनी पहचान बनाई और 1981 से 1983 के बीच एनएसयूआई की बेंगलुरु जिला इकाई के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया.

इस दौरान वे पढ़ाई करते हुए ही यूथ कांग्रेस में शामिल हो गए, तब वे रामनारायण चेल्लाराम कालेज में पढ़ाई कर रहे थे.

New Deputy CM DK shivakumar : चुनावी मैदान में कूड़े

Who is DK Shivakumar?
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पहली बार वे 1985 में चुनावी मैदान में कूड़े, कांग्रेस ने उन्हें सथानूर विधानसभा क्षेत्र से जनता दल के सबसे प्रभावशाली नेता एच.डी. देवेगौड़ा के खिलाफ मैदान में उतारा था. यह उनके लिए बहुत बड़ी लड़ाई थी. देवगोड़ा तब राज्य में बड़ी ताकत हुआ करते थे और उनकी पकड़ काफी मजबूत मानी जाती थी. डीके शिवकुमार इस चुनाव में हार गए. हालंकि चुनाव के दौरान उनके लड़ने के कौशल ने पार्टी को ख़ासा प्रभावित किया.

उनकी बड़ी घमक तब हुई जब 1989 में पार्टी ने उन्हें फिर सथानूर में मौका दिया उन्होंने एचडी देवगौड़ा को इस विधानसभा में हराया. यह चुनाव उनका पार्टी में उदय के रूप में देखा गया.

शिवकुमार का राजनीतिक उदय

शिवकुमार का पार्टी में उदय 1990 के दशक के आरंभ में तेजी से हुआ. उन्होंने सारेकोप्पा बंगारप्पा सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जेल मंत्री नियुक्त हुए, जिससे वे राज्य मंत्रिमंडल में सबसे युवा मंत्रियों में से एक बन गए.

मगर 1994 का साल पार्टी और उनके लिए मनमुटाव का रहा. कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वे बागी हो गए और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप चुनाव लड़ा.

संगठनकर्ता की बनी भूमिका

हालांकि वे कांग्रेस के सूत्रधार की भूमिका के रूप में जाने जाते रहे. इस दौरान 1999 में उन्होंने एचडी कुमारस्वामी को सथानूर से हराया. शिवकुमार ने जेडीएस महारथी पी. जी. आर. सिंधिया को भी कनकपुरा में हराया था, जब उन्होंने 2013 में चुनावों के दौरान कनकपुरा निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल की थी, जिसमें शिवकुमार को 1,00,007 और जेडीएस के पी. जी. आर. सिंधिया को 68,583 वोट मिले थे. 2018 कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान, उन्होंने लगभग 80,000 वोटों के अंतर से जीत हासिल की.

शिवकुमार ने अपनी पहचान न सिर्फ जीतने वाले नेता के रूप में बल्कि एक कुशल आयोजक और चुनाव रणनीतिकार के रूप में बनाई. पूर्व मुख्यमंत्री एस.एम. कृष्णा के करीबी सहयोगी होने के नाते, उन्होंने सहकारिता, शहरी विकास और ऊर्जा सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला. उन्हें 2018 के चुनाव के बाद कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर के बीच गठबंधन सरकार के गठन में श्रेय दिया जाता है.

पार्टी प्रबंधन में बड़ी भूमिका

शिवकुमार को अक्सर कांग्रेस नेतृत्व द्वारा कई महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारियां सौंपी जाती थीं, जिनमें राजनीतिक अस्थिरता के दौर में पार्टी विधायकों का प्रबंधन करना भी शामिल था.

2017 में गुजरात राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने 42 गुजरात कांग्रेस विधायकों को किसी अन्य राजनीतिक पार्टी में जाने से बचने के लिए अपने बेंगलुरु स्थित रिसोर्ट में स्थानांतरित करने में मदद की. इससे अहमद पटेल को चुनाव जीतने में मदद मिली.

हालांकि वे अपने राजनीतिक कैरियर में कई विवादों में भी उलझे रहे हैं. आयकर के छापे, अवैध खनन का मामला, ED की कैद जैसे विवाद शामिल हैं.

वे कई हफ्तों तक जेल में रहने के बाद, वे सक्रिय राजनीति में लौट आए और मार्च 2020 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा उन्हें कर्नाटक कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया.

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।