Sharad Pawar Delimitation Bill Support : महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार ने विपक्षी खेमे को बड़ा झटका दिया है। सूत्रों के मुताबिक, उनकी पार्टी एनसीपी (एसपी) संसद में पेश होने वाले विवादित परिसीमन (Delimitation) बिल का समर्थन करने की तैयारी में है। हालांकि पार्टी ने अभी तक इस पर कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी नहीं किया है, लेकिन अंदरखाने से आ रही खबरें विपक्ष के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि शरद पवार का यह गुट विपक्षी इंडिया गठबंधन का एक मजबूत पिलर रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि यह कदम केंद्र सरकार के प्रति सकारात्मक रुख है या फिर कोई गहरी रणनीतिक चाल।
लोकसभा सीटों का नया गणित?
यह बिल देश में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को नए सिरे से तय करने से जुड़ा है। इसका मुख्य आधार देश की नई जनसंख्या होगी। वर्तमान में संसद की सीटें 1971 की जनगणना के आधार पर चल रही हैं, जबकि देश की आबादी अब काफी बढ़ चुकी है।
अप्रैल में पेश किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, इस कानून के लागू होने के बाद लोकसभा में सांसदों की अधिकतम संख्या बढ़कर 815 हो सकती है। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें रिजर्व रखी जा सकती हैं, जिससे कुल सीटों का आंकड़ा 850 तक पहुंच जाएगा।
सरकार का तर्क है कि इस बदलाव से हर क्षेत्र में जनसंख्या का संतुलन बनेगा और प्रतिनिधित्व सही तरीके से हो सकेगा।
अप्रैल में गिर गया था बिल
आपको बता दें कि इसी साल अप्रैल में जब सरकार ने संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा यह संविधान संशोधन बिल पेश किया था, तब पूरे विपक्ष ने एकजुट होकर इसका विरोध किया था। उस दौरान सदन में 528 सांसद मौजूद थे, जहां बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। चूंकि संविधान संशोधन के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, इसलिए सरकार 54 वोटों से चूक गई और बिल गिर गया।
हालांकि उस दौरान सत्ता पक्ष ने कहा था कि नंबर कम होने का मतलब हार नहीं है, आगे और मौके आएंगे। अब शरद पवार के इस बदले रुख ने सरकार की राह आसान कर दी है। ऐसे में इस बिल के पास होने के आसार नजर आ रहे हैं।
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