महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से पीछे नहीं : बेबी रानी मौर्य

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उत्तराखंड की राज्यपाल बनने का सपना साकार हुआ: बेबी रानी मौर्य

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण के महत्व पर जोर देते हुए महिलाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दिन नारी शक्ति और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, और यह दिखाता है कि महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर कहा कि गुजरात में महिलाओं के हाथों में सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है, जो नारी शक्ति का प्रतीक है।

बेबी रानी मौर्य ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उन्हें उत्तराखंड की राज्यपाल बनने का मौका मिला, जो एक अनुसूचित जाति की महिला के लिए सपना जैसा था। उन्होंने यह उदाहरण प्रस्तुत किया कि महिलाएं अगर निष्ठा, जुनून और ईमानदारी से काम करें, तो वे किसी भी मुकाम तक पहुंच सकती हैं।

उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्होंने गरीब महिलाओं के लिए कोई खास काम नहीं किया, न ही उनकी बुनियादी समस्याओं को हल किया। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने महिलाओं के उत्थान के लिए बहुत काम क‍िया है।

बता दें कि हर साल 8 मार्च को विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने और उनकी सराहना करने का अवसर है। इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में योगदान के उत्सव के तौर पर देखा जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 1909 में हुई थी, और इसे औपचारिक मान्यता 1975 में तब मिली, जब संयुक्त राष्ट्र ने इसे एक थीम के साथ मनाना शुरू किया। इस खास दिन पर महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है, उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहन मिलता है, और भेदभाव को खत्म कर समानता व उनके अधिकारों पर जोर दिया जाता है।

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