प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: महिला आरक्षण बिल पर 10 बड़ी बातें…

Summary :

Women’s Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक के गिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और महिला आरक्षण का विरोध करने को लेकर उनकी मंशा पर सवाल उठाए। महिला शक्ति वंदन अधिनियम पर जोर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को देश के विकास के लिए बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है और इससे…

Women’s Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक के गिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और महिला आरक्षण का विरोध करने को लेकर उनकी मंशा पर सवाल उठाए।

महिला शक्ति वंदन अधिनियम पर जोर

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को देश के विकास के लिए बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है और इससे देश के हर राज्य को समान लाभ मिलेगा।

विपक्ष पर ‘संकीर्ण राजनीति’ का आरोप

पीएम मोदी ने कहा कि विपक्षी दलों ने अपनी “संकीर्ण और स्वार्थ की राजनीति” के चलते देश की आधी आबादी का हक छीन लिया। उन्होंने परिवारवादी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल नहीं चाहते कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं राजनीति में आगे बढ़ें।

संबोधन की 10 बड़ी बातें : –

1. नारी शक्ति का समर्थन हमारे साथ

प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही बिल को पारित कराने के लिए जरूरी 66% वोट नहीं मिले, लेकिन उन्हें विश्वास है कि देश की 100% नारी शक्ति का आशीर्वाद उनके साथ है।

2. महिलाओं के सम्मान पर चोट

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि संसद में उनके व्यवहार ने महिलाओं के स्वाभिमान और आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है। उनके अनुसार, महिलाएं अपमान को कभी नहीं भूलतीं।

3. समय की मांग है यह संशोधन

पीएम ने कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की जरूरत है और यह उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम—सभी राज्यों के संतुलित विकास के लिए लाया गया।

4. ‘भ्रूणहत्या’ जैसी संज्ञा

उन्होंने विपक्ष के विरोध को “इस प्रयास की भ्रूणहत्या” करार दिया।

5. परिवारवाद का डर

प्रधानमंत्री के मुताबिक, विपक्षी दलों को डर है कि महिलाओं के सशक्त होने से उनके परिवारवादी राजनीतिक ढांचे को नुकसान होगा।

6. राज्यों के हित सुरक्षित

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा किसी राज्य का प्रतिनिधित्व कम करने की नहीं है। सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ाने की योजना है।

7. कांग्रेस पर ‘एंटी-रिफॉर्म’ का आरोप

पीएम मोदी ने कांग्रेस को “एंटी-रिफॉर्म पार्टी” बताते हुए कहा कि उसका इतिहास सुधारों को रोकने और टालने का रहा है।

8. क्रेडिट की राजनीति नहीं

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा क्रेडिट लेने का नहीं है। अगर महिलाओं को उनका अधिकार मिल जाता, तो मैं इसका क्रेडिट विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के लोगों को दे दूंगा।

9. हर बाधा को हटाने का वादा

प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं को आश्वस्त किया कि सरकार महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को दूर करेगी।

10. विपक्ष को चेतावनी

उन्होंने विरोध करने वाले दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे नारी शक्ति को “फॉर ग्रांटेड” ले रहे हैं, जिसका जवाब उन्हें भविष्य में मिलेगा।

Women’s Reservation Bill पर तेज होती सियासत

प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने महिला आरक्षण के मुद्दे को और अधिक राजनीतिक बना दिया है। एक तरफ सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति करार दे रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा भारतीय राजनीति के केंद्र में बना रह सकता है।

Shera Rajput