America Top 10 Scientists Missing or Dead: अमेरिका में अंतरिक्ष, रक्षा और अन्य ग्रहों पर जीवन से जुड़े संवेदनशील शोध करने वाले कम से कम 10 प्रमुख वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की मौत या रहस्यमयी तरीके से लापता होने की घटनाओं ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक स्तर पर चिंता बढ़ने के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापक जांच के आदेश दिए हैं।
मामले ने क्यों पकड़ा तूल
इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप को इन वैज्ञानिकों की मौत और गुमशुदगी से जुड़े मामलों की जानकारी दी गई। प्रशासन ने संकेत दिया है कि अगले डेढ़ सप्ताह में इस मामले से जुड़ी और विस्तृत जानकारी सामने आ सकती है। इन घटनाओं की टाइमलाइन और समानताओं ने इसे एक संभावित बड़े रहस्य में बदल दिया है।
पहली घटना से शुरू हुआ सिलसिला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस श्रृंखला की पहली घटना जुलाई 2023 में सामने आई, जब नासा जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के भौतिक विज्ञानी माइकल डेविड हिक्स का 30 जुलाई 2023 को निधन हो गया। हिक्स धूमकेतुओं और क्षुद्रग्रहों के विशेषज्ञ थे, लेकिन उनकी मृत्यु का कारण सार्वजनिक नहीं किया गया।
सांसदों ने जताई साजिश की आशंका
मिसौरी से रिपब्लिकन सांसद एरिक बर्लिसन ने इन घटनाओं को “संयोग” मानने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि कई वैज्ञानिकों के अचानक गायब होने या मौत की घटनाएं संदिग्ध हैं और यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला हो सकता है।
बर्लिसन का मानना है कि इन वैज्ञानिकों की पहुंच गोपनीय एयरोस्पेस, रक्षा और यूएफओ से संबंधित जानकारी तक थी, जिससे विदेशी ताकतों—जैसे चीन, रूस या ईरान—की भूमिका की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
FBI समेत एजेंसियों को जांच का निर्देश
बर्लिसन ने इस मामले की जांच के लिए एफबीआई और अन्य एजेंसियों को शामिल करने की मांग की। उनका कहना है कि कुछ वैज्ञानिक पूरी तरह गायब हो चुके हैं और उनके बारे में कोई सुराग नहीं है।
इन्हीं में वायुसेना के मेजर जनरल विलियम मैक्कलैंड का नाम भी शामिल है, जो फरवरी 2026 में लापता हो गए थे। सांसद के अनुसार, मैक्कलैंड ने यूएफओ से जुड़े अपने शोध को लेकर उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी।
ट्रंप ने बताया ‘गंभीर मामला’
डोनाल्ड ट्रंप ने इन घटनाओं को “बेहद गंभीर” बताया और कहा कि लापता या मृत वैज्ञानिकों में कुछ बेहद महत्वपूर्ण लोग शामिल थे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इन मामलों के बीच किसी संभावित संबंध का पता लगाया जा सकता है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने भी पुष्टि की कि प्रशासन सभी एजेंसियों के साथ मिलकर इन मामलों की व्यापक समीक्षा कर रहा है।
हाल की प्रमुख घटनाएं
इन मामलों में कई चौंकाने वाली घटनाएं शामिल हैं: –
- नोवार्टिस के शोधकर्ता जेसन थॉमस 12 दिसंबर 2025 को लापता हुए, जिनका शव 17 मार्च 2026 में एक झील से मिला।
- एमआईटी के परमाणु भौतिक विज्ञानी नूनो लौरेइरो की 15 दिसंबर 2025 को गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- लॉस अलामोस के पूर्व कर्मचारी एंथनी चावेज 04 मई 2025 से लापता हैं। बता दे कि उन्हें आखिरी बार, पैदल घर से निकलते हुए देखा गया था।
- मेलिसा कैसियस, जो कैसियस लॉस अलामोस राष्ट्रीय प्रयोगशाला में प्रशासनिक सहायक थीं, 26 जून 2025 से गायब हैं।
- नासा की जेट प्रोपल्शन प्रयोगशाला के अनुसंधानकर्ता फ्रैंक माइवाल्ड का 04 जुलाई 2024 को 61 वर्ष की आयु में लॉस एंजिलिस में निधन हो गया।
- मोनिका जैसिंटो रेजा 22 जून, 2025 को लापता हैं, जो मोनिका जैसिंटो रेजा जेपीएल की कर्मचारी थीं।
- खगोल भौतिक विज्ञानी कार्ल ग्रिलमायर की 16 फरवरी 2026 में उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह कैलिफोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कैलिफोर्निया टेक्नोलॉजी) में खगोल भौतिक विज्ञानी थे, जिन्होंने नासा के साथ मिलकर काम किया था और बाह्य ग्रहों के आसपास पानी की खोज की थी।
- 48 वर्षीय सरकारी ठेकेदार स्टीवन गार्सिया को आखिरी बार 28 अगस्त 2025 को अल्बुकर्क स्थित अपने घर से निकलते हुए देखा गया था। तब से वह लापता है ।
क्या है बड़ा सवाल?
इन सभी घटनाओं में एक समानता यह है कि अधिकांश लोग संवेदनशील वैज्ञानिक या रक्षा परियोजनाओं से जुड़े थे। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या ये महज संयोग हैं या किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय या गोपनीय षड्यंत्र का हिस्सा।
आगे क्या?
व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि इस मामले में “कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी” और जैसे ही नई जानकारी सामने आएगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल, यह मामला अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और वैज्ञानिक समुदाय दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।























