घोटालों, गिरफ्तारियों, एनआरसी, और बाढ़ का साल रहा 2017

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असम वर्ष 2017 में भ्रष्टाचार संबंधी कई मामलों, राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) में अपडेट और बाढ़ के कारण खबरों में रहा।भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर राज्य विशेष रूप से चर्चाओं में रहा क्योंकि मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने विभिन्न विभागों में घोटालों का पता लगाने के लिए अपने सतर्कता प्रकोष्ठ द्वारा जांच करवाई जिसके बाद कई वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई।

सबसे चर्चित करोड़ों रुपयों का असम लोक सेवा आयोग का नौकरी के लिए नकदी घोटाला रहा जिसमें उसके पूर्व चेयरमैन राकेश पॉल को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था और जांच के बाद असम सिविल सेवा एवं असम पुलिस सेवा के 2015 बैच के 25 अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार होने वालों में एक पूर्व कांग्रेस मंत्री का बेटा, एक भाजपा विधायक और एक सांसद के रिश्तेदार तथा पूर्व नौकरशाह शामिल हैं।

ये सभी जेल में बंद हैं और गौहाटी उच्च न्यायालय उनकी जमानत नामंजूर कर चुका है। एक अन्य चर्चित भ्रष्टाचार मामला सूचना एवं लोक सेवा निदेशालय में 32 करोड़ रुपये का घोटाला था जिसमें इसके तत्कालीन निदेशक रंजीत गोगोई की गिरफ्तारी हुई। राज्य में असम के लिए राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर चर्चाओं में रहा। इसका मसौदा 31 दिसंबर तक जारी किया जाएगा।

यह समयसीमा उच्चतम न्यायालय ने तय की थी। असम में रह रहे असली भारतीय नागरिकों के नाम अलग से लिखने के लिए एनआरसी तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, असम में इस साल तीन दशकों की सबसे भयावह बाढ़ आई और इसमें ब्रहमपुत्र एवं बराक नदियों में उफान आया जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ और 160 लोगों की जान चली गई।

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Desk Team