सरकार ने बताया कि जम्मू कश्मीर में आतंकवादी समूहों के लिए स्थानीय युवाओं की भर्ती में 40 फीसदी की और सीमा पार से घुसपैठ में 43 फीसदी की कमी आई है। गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल 2019 के पूर्वार्द्ध में वर्ष 2018 की तुलना में जम्मू कश्मीर की सुरक्षा स्थिति बेहतर हुई है।
उन्होंने बताया ‘‘राज्य में घुसपैठ में 43 फीसदी और आतंकवादी समूहों में स्थानीय युवाओं की भर्ती में 40 फीसदी की कमी आई है। आतंकवादी घटनाओं में भी 28 फीसदी की कमी आई है।’’ रेड्डी ने बताया कि राज्य में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 59 फीसदी की वृद्धि हुई तथा इसके चलते आतंकवादियों के सफाये में 22 फीसदी की वृद्धि हुई है।
गृह राज्य मंत्री ने यह भी बताया ‘‘सरकार ने आतंकवाद के लिए ‘कतई बर्दाश्त’ नहीं की नीति अपनाई है। साथ ही आतंकवादी संगठनों की चुनौतियों से कारगर तरीके से निपटने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। रेड्डी के अनुसार ‘‘सुरक्षा बल आतंकवादियों की मदद का प्रयास करने वाले व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई करते हैं।’’


Download Android App
Download iOS App



