जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच शनिवार से केंद्र शासित प्रदेश में सप्ताहांत के दौरान “गैर-जरूरी आवागमन पर पूरी तरह रोक” लगा दी है। प्रदेश में शुक्रवार को 2,456 नए मामले पाए गए थे।मुख्य सचिव ए के मेहता की अध्यक्षता में हुई राज्य कार्यकारी समिति (एसईसी) की बैठक में लिए गए फैसले की घोषणा करते हुए, अधिकारियों ने बताया कि रात में कर्फ्यू लागू रहेगा और स्कूल एवं कॉलेजों में शिक्षा ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेगी।
कोविड-19 की स्थिति की साप्ताहिक समीक्षा करने के बाद, मेहता ने कहा कि दैनिकों मामलों की असमान प्रवृत्ति के साथ ही बढ़ती संक्रमण दर को देखते हुए सभी जिलों में मौजूदा कोविड रोकथाम उपायों को जारी रखने के साथ-साथ अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत है।
लोगों को आगमन पर आरटी-पीसीआर या रैपिड एंटीजन जांच से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी
मेहता ने अपने हालिया आदेश में कहा, “पूरे जम्मू-कश्मीर में सप्ताहांत के दौरान गैर-जरूरी आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।”हवाई, रेल और सड़क मार्ग से केंद्र शासित प्रदेश में आने वाले बिना लक्षण वाले लोगों को आगमन पर आरटी-पीसीआर या रैपिड एंटीजन जांच से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन उनके पास कोविड-19 टीकाकरण का एक वैध और सत्यापन योग्य अंतिम प्रमाण-पत्र होना चाहिए या आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट होनी चाहिए, जिसमें उनके संक्रमित न होने की पुष्टि हुई हो और यह रिपोर्ट 72 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए।
निजी बसों की अंतरराज्यीय आवाजाही को पूर्ण टीकाकरण करा चुके ऐसे लोगों के लिए अनुमति दी जाएगी
आदेश में कहा गया, “हालांकि, हवाई, रेल और सड़क मार्ग से आने वाले उन यात्रियों की आरटी-पीसीआर या आरएटी कोविड जांच कराई जाएगी, जिनमें लक्षण होंगे।”राज्य सड़क परिवहन निगम के यात्री वाहनों और निजी बसों की अंतरराज्यीय आवाजाही को पूर्ण टीकाकरण करा चुके ऐसे लोगों के लिए अनुमति दी जाएगी, जिनकी सत्यापन योग्य आरटी-पीसीआर रिपोर्ट 72 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं हो या मौके पर आरएटी जांच की जाएगी।


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