तालिबान ने अफगानिस्तान में एक बार फिर वापसी के साथ देश में नई सरकार के गठन का ऐलान हो चुका है। इस बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने अफगानिस्तान में तालिबान सरकार को लेकर बयान दिया है। फारूक अब्दुल्ला ने तालिबान से अच्छे शासन की उम्मीद जताई है।
श्रीनगर में फारूक अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, “मुझे उम्मीद है कि वे (तालिबान) उस देश (अफगानिस्तान) में इस्लामी सिद्धांतों का पालन करते हुए सुशासन देंगे और मानवाधिकारों का सम्मान करेंगे। उन्हें हर देश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करने का प्रयास करना चाहिए।”
UN में PAK ने उठाया गिलानी का मुद्दा, भारत ने दिया करारा जवाब- पाकिस्तान दे रहा हिंसा की संस्कृति को बढ़ावा
पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला के इस बयान से सत्तारूढ़ बीजेपी बुरी तरह भड़क गई। बीजेपी नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व डिप्टी सीएम निर्मल सिंह ने कहा कि तालिबान महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार कर रहा है, लेकिन फारूक अब्दुल्ला उसका ही पक्ष ले रहे हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका के 20 साल बाद अफगानिस्तान छोड़ने के बाद एक बार फिर तालिबान की वापसी हुई है। अफगानिस्तान में पुनः तालिबान की वापसी पर विश्व के लगभग सभी देशों ने चिंता व्यक्त की है। वहीं तालिबान ने नई अफगानिस्तान सरकार के गठन का ऐलान कर दिया है। अफगानिस्तान में कार्यवाहक सरकार होगी जिसके मुखिया मुल्ला मुहम्मद हसन अखुंद होंगे। नई सरकार में कुल 33 मंत्रियों को शामिल किया गया है, हालांकि इसमें कोई भी महिला शामलि नहीं है।


Download Android App
Download iOS App



