केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर कांग्रेस ने आज से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। पार्टी ने इससे पहले कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल के अलावा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इस अभियान की शुरुआत की गई।
कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्र सरकार की ओर से देश में लागू किए गए नये कृषि एवं भूमि कानूनों के खिलाफ इस अभियान की शुरुआत की है। कांग्रेस का कहना है कि लोगों को कृषि एवं भूमि कानूनों को लेकर गलत जानकारी दी जा रही है इसलिए आम जनता को इसके बारे में जागरुक करना आवश्यक है।
रजनी पाटिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, ‘‘ देश भर में किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र की राजग सरकार ने नए कृषि कानूनों को लागू कर किसानों के साथ अन्याय किया है। नए कृषि कानून पूर्ण रूप से किसानों के आर्थिक हितों तथा स्वतंत्रता के खिलाफ हैं।’’
कांग्रेस प्रभारी ने कहा, ‘‘ सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। इसके बदले उन्हें बड़ा झटका लगा है और इन कानूनों से पहले से ही परेशान चल रहे किसान समुदाय की रीढ़ की हड्डी टूट गयी है। देश के करीब 62 करोड़ किसान इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं। इन कानूनों से यह किसान पूंजीपतियों के श्रमिक बनकर रह जाएंगे।’’ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मीर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के भूमि संबंधी कानूनों में हाल में किए गए बदलावों से बाहरी लोग यहां जमीन खरीद सकेंगे जिसको लेकर घाटी के लोगों में बहुत आक्रोश है।


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