नई दिल्ली : लगता है कश्मीर घाटी में अब आतंकवादियों के निशाने पर है पुलिसकर्मियों के परिजन। दक्षिण कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से गुरुवार शाम आतंकवादियों ने आठ लोगों का अपहरण कर लिया था। लेकिन अब खबर ये है की अगवा किए गए पुलिसकर्मियों के 10 रिश्तेदारों को छोड़ दिया गया है। साथ ही आतंकी संगठन हिज्बुल की ओर से बदले में उसके रिश्तेदारों को छोड़ने की मांग भी की गई है। सूत्रों के अनुसार जिन लोगों का अपहरण वे सभी पुलिसकर्मियों के परिजन हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आतंकी पुलिसकर्मियों के परिजनों को उनके घर से उठाकर ले गए हैं। इस बीच सुरक्षाबलों ने इन परिजनों की रिहाई के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि बुधवार को त्राल इलाके से आतंकियों ने एक पुलिसकर्मी के बेटे का अपहरण किया था। बच्चे के अपहरण की खबर मिलने के बाद से पीड़ित परिवार की हालत काफी खराब है। पीड़ित परिवार ने आतंकियों से बच्चे को छोड़ने का अनुरोध किया है। बच्चे की मां ने आंतकियों से उसके बच्चे पर रहम दिखाने की विनती की है। इस मामले में से जुड़ा एक वीडियो भी इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पीड़ित परिवार के लोग अपने परिजनों को छोड़ने की फरियाद कर रहे हैं।
इन सब के बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस अपहरण किए गए सभी लोगों को कुशल पूर्वक वापस लाने की कोशिश में जुटी है। गौरतलब है कि इस घटना से पहले गुरुवार की सुबह दक्षिण कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में आतंकियों के परिजनों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन किए गए। गांव वालों का आरोप है कि बुधवार को आतंकियों द्वारा चार पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद पुलिस ने इलाके के कई घरों में आग लगा दी।
खास बात यह है कि बीते 28 साल में यह पहला मौका है जब कश्मीर में आतंकी पुलिसकर्मियों के परिजनों को निशाना बना रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष टीम अपहरण किए लोगों को छुड़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।


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