वंदे मातरम विवाद में उमर अब्दुल्ला का पलटवार, कांग्रेस से पूछा- क्या कश्मीरी जेल जाएं?

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J&K Vande Mataram Row: वंदे मातरम के पूरे छंद गाने को लेकर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच मतभेद बढ़ गया है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह इस मुद्दे पर कश्मीरियों को जेल भेजना चाहती है?

J-K Vande Mataram Row: राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के पूरे छंद गाने को लेकर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। कांग्रेस की ओर से दी गई सलाह के बाद अब जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी सहयोगी पार्टी को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत को लेकर जो सरकारी नियम लागू हैं, उनका पालन करना जरूरी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,   बीते दिन  गुरुवार को मीडिया  से बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राष्ट्रीय गीत को लेकर कानून और सरकारी प्रोटोकॉल तय है। इसके तहत सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम का पूरा गायन जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह नियम केवल जम्मू-कश्मीर के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश में लागू होता है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अगर किसी सरकारी कार्यक्रम में तय नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब कानून सभी के लिए है तो जम्मू-कश्मीर भी उससे अलग नहीं हो सकता।

कांग्रेस से पूछा तीखा सवाल

उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या पार्टी चाहती है कि इस मामले में कश्मीरियों को जेल भेज दिया जाए? उनका कहना था कि एक राजनीतिक दल के रूप में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कभी वंदे मातरम को अपने राजनीतिक प्रतीक के तौर पर नहीं अपनाया है और आगे भी ऐसा नहीं करेगी। लेकिन , उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार में रहते हुए कानूनी नियमों और सरकारी प्रोटोकॉल का पालन करना उनकी जिम्मेदारी है। इसलिए सरकारी कार्यक्रमों में जो नियम लागू हैं, उनका पालन करना होगा।

यह विवाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल के बयान के बाद उभरा है। उन्होंने 8 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं से वंदे मातरम के दो छंद वाले संस्करण को अपनाने की अपील की थी। वेणुगोपाल ने कहा था कि वंदे मातरम का पूरा संस्करण भारत की आजादी की लड़ाई में शामिल लोगों की विविध और बहुलतावादी सोच के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के सहयोगी दलों से 1937 में कांग्रेस द्वारा स्वीकार किए गए वंदे मातरम के संस्करण का सम्मान करने की अपील की थी।

श्रीनगर कार्यक्रम के बाद सामने आया मतभेद

यह विवाद उस समय और चर्चा में आ गया, जब श्रीनगर में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला मौजूद थे। कार्यक्रम में वंदे मातरम का पूरा गायन हुआ। उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला दोनों ही गीत के सभी छह पदों के दौरान खड़े रहे। इसके बाद कांग्रेस की सलाह और नेशनल कॉन्फ्रेंस के रुख को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई।

वंदे मातरम को लेकर उमर अब्दुल्ला का ताजा बयान कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच इस मुद्दे पर मतभेद को सामने लाता है। दोनों दल विपक्षी इंडी गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन राष्ट्रीय गीत के पूरे संस्करण को लेकर उनकी राय अलग दिखाई दे रही है। उमर अब्दुल्ला ने अपने बयान से यह संकेत दिया है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सरकारी कार्यक्रमों में लागू नियमों का पालन करना जरूरी है। यही वजह है कि वंदे मातरम के पूरे छंद को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।