पीएम मोदी से मिलेंगे सीएम उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव पेश किया है। सीएम की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक में राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव पारित किया गया। सूत्रों के मुताबिक प्रस्ताव का मसौदा तैयार हो चुका है और सीएम उमर अब्दुल्ला आने वाले दिनों में दिल्ली आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह मसौदा सौंपेंगे। इस पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता शेख बशीर ने प्रतिक्रिया दी है।
जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद हुए चुनाव
शेख बशीर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आखिरकार 10 साल बाद चुनाव हुए हैं और लोगों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर भरोसा जताया है। कल उमर अब्दुल्ला ने सीमा से सटे उन इलाकों का दौरा किया, जहां नुकसान हुआ था। इसके बाद कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें जम्मू-कश्मीर के लोगों की मुख्य मांगों में से एक राज्य का दर्जा बहाल करने पर चर्चा हुई।
उमर अब्दुल्ला अपने कार्यकर्ताओं को करेंगे संबोधित
शेख बशीर ने कहा कि सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि जैसे ही हमें पहली कैबिनेट मीटिंग में मौका मिलेगा, हम इसे पास कर देंगे और उन्होंने इसे पास भी कर दिया। उमर ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार भी इस पर विचार करेगी और जल्द ही राज्य का दर्जा बहाल करेगी। कल जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए शेर-ए-कश्मीर भवन में होंगे। जहां तक प्रधानमंत्री से दोबारा मिलने और प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की बात है, तो इस पर फैसला वही करेंगे, क्योंकि वह पहले ही प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं और वह उचित समय पर प्रस्ताव को आगे बढ़ाएंगे।
AAP पहली बार जम्मू-कश्मीर की राजनीति में जीती सीट
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी द्वारा डोडा सीट से जीत हासिल कर नेशनल कान्फ्रेंस को समर्थन देने पर शेख बशीर ने कहा,आम आदमी पार्टी का कोई सदस्य पहली बार जम्मू-कश्मीर की राजनीति में आया है और उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस का समर्थन किया है। इससे पता चलता है कि समान विचारधारा वाली पार्टियां जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। वर्तमान में, महंगाई और बेरोजगारी के साथ-साथ नौकरशाही व्यवस्था के कारण कई अन्य समस्याएं हैं। एक बार निर्वाचित प्रतिनिधि प्रशासन में आएंगे, तो चर्चा होंगी। इसमें भाजपा, कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत सभी दल शामिल होंगे। वहां से इन मुद्दों का समाधान निकलेगा।


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