नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने सरकार से जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए सभी राजनीतिक नेताओं को रिहा करने, राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति देने और वहां की स्थिति सामान्य करने का मंगलवार को आग्रह किया। केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाये जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने संबंधी फैसले को लिये तीन महीने पूरे होने पर पांच नवंबर को नेकां ने एक बयान जारी किया।
पार्टी ने कहा कि 90 दिनों से अधिक समय के बाद, देश के बाकी हिस्से में लोगों को इंटरनेट और संचार के निर्बाध उपयोग की अनुमति है, लेकिन कश्मीरी लोगों को इसके लिए मना किया जा रहा है। इसमें कहा गया है, ‘‘सैकड़ों लोग अभी भी हिरासत में है, उनमें से कई लोग राज्य के बाहर की जेलों में कैद हैं, इस कारण से कई परिवारों को भारी कठिनाइयों से गुजरना पड़ रहा है।’’ नेकां ने कहा कि एसएमएस की बुनियादी सुविधा भी नहीं दी जा रही है।
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पार्टी ने कहा, ‘‘हम सरकार से आग्रह करते हैं कि स्थिति को सामान्य करने के लिए तत्काल कदम उठाए और तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित पांच अगस्त से हिरासत में लिए गए मुख्यधारा के सभी राजनीतिक नेताओं को रिहा किया जाये।’’ गौरतलब है कि नेकां नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पांच अगस्त से जम्मू-कश्मीर में हिरासत में हैं।


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