पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि कश्मीर मुद्दे को सुलझाने और रक्तपात को रोकने के लिए पाकिस्तान तथा संबंधित हितधारकों के साथ बातचीत के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है।
पुलवामा में आतंकवादियों द्वारा सीआरपीएफ अधिकारी की हत्या की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का हमेशा से यही रुख रहा है कि बुलेट और ग्रेनेड से नहीं, बल्कि सिर्फ बातचीत से मुद्दे को सुलझाया जा सकता है।
महबूबा ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘दोनों तरफ से बातचीत शुरू करने की जरूरत है। अगर हम यह कहते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, तो उसके लिए भी पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी होगी, जैसा कि (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी) वाजपेयी ने किया था, जिसके परिणामस्वरूप आतंकवाद कम हुआ था और घुसपैठ भी घटा था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यहां (कश्मीर में) सभी हितधारकों से बातचीत करके समाधान निकालने की जरूरत है, ताकि बिहार का कोई सैनिक, सीआरपीएफ का जवान या एएसआई मुश्ताक अहमद (जम्मू-कश्मीर पुलिस) या कोई आम आदमी या मुसलमान (मुनीर, जिसकी हिरासत में मौत हो गई थी) अपनी जान ना गवाएं और यह खूनी खेल रुके। बातचीत ही एकमात्र विकल्प है, और कोई रास्ता नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर उनकी पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
महबूबा ने कहा, ‘‘अनुच्छेद 370 की बहाली से ज्यादा बड़ा मुद्दा कश्मीर मामले का समाधान है। (अनुच्छेद) 370 उस दिशा में एक कदम है। यह हमारा एजेंडा है और हमारा संघर्ष जारी रहेगा।’’


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