श्रीनगर : अमरनाथ यात्रा मार्गों पर असैन्य वाहनों की गतिविधि पर पाबंदी के कारण कश्मीर घाटी में छुट्टियों के मौसम के दौरान पर्यटन को नुकसान पहुंच रहा है।
पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने यहां पर्यटन विभाग के सचिव रिगजियान सम्फील के साथ बातचीत में यह चिंता व्यक्त की। सचिव ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस मुद्दे को हल करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
जम्मू कश्मीर में अधिकारियों ने अमरनाथ श्रद्धालुओं को लेकर जा रहे वाहनों के किसी घटना का शिकार ना होने देने के लिए सुबह दस बजे से दोपहर साढ़े तीन बजे तक साढ़े पांच घंटे के लिए श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के काजीगुंड-नाशरी मार्ग पर असैन्य यातायात पर रोक लगा रखी है।
कश्मीर होटल एवं रेस्त्रा मालिक संघ के अध्यक्ष वाहिद मलिक ने बैठक में कहा, ‘‘यात्रा की सुरक्षा के नाम पर पर्यटकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। सोनमर्ग या पहलगाम की ओर पर्यटकों की निर्बाध आवाजाही मना है। राजमार्ग पर इस पाबंदी का असर उनकी गतिविधि पर भी पड़ रहा है।’’
एसोसिएशन ऑफ कश्मीर टूर ऑपरेटर्स के मुख्य संरक्षक नाजिर मीर ने कहा कि पाबंदी से पर्यटन प्रभावित हो रहा है और इसका घाटी आने की सोच रहे पर्यटकों पर नकारात्मक असर पड़ा है।
पर्यटन उद्योग के पक्षकारों ने कहा कि घाटी में एक जुलाई को शुरू 45 दिवसीय यात्रा शुरू होने के बाद से तकरीबन ना के बराबर बुकिंग मिली है। उन्होंने इस मुद्दे को हल करने की मांग की।
भद्रवाह विकास प्राधिकरण के सीईओ राजिंदर खजुरिया ने बताया कि घाटी के बजाय पर्यटक जम्मू के ऊंचे इलाकों में जा रहे हैं। डोडा जिले के दर्शनीय शहर भद्रवाह में पिछले 20 दिनों में रिकॉर्ड 2.10 लाख पर्यटक आए हैं।
पर्यटन विभाग के सचिव ने उन्हें आश्वस्त किया कि यातायात के सुचारू संचालन के लिए कदम उठाए जाएंगे।


Download Android App
Download iOS App



